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सुमित्रानंदन पंत के साहित्य पर शोध करें युवा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, गरुड़/कौसानी (बागेश्वर)।
Updated Sat, 21 May 2016 12:04 AM IST
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सुमित्रानंदन पंत की जयंती मनाई
- फोटो : अमर उजाला
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गरुड़/कौसानी (बागेश्वर)। प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत की 116वीं जयंती पंत वीथिका कौसानी में समारोहपूर्वक मनाई गई। वरिष्ठ साहित्यकार धन सिंह मेहता ने पंत जी के साहित्य पर शोध कर युवा साहित्यकारों से साहित्य सृजन करने को कहा। साहित्यकारों ने वीथिका को संग्रहालय का दर्जा देकर कौसानी में पंत जी की आदमकद मूर्ति लगाने, उनके नाम पर पुरस्कार देने को कहा।
आयोजक राजकीय संग्रहालय अल्मोड़ा के प्रभारी ज्ञानप्रकाश तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया। समारोह के मुख्य अतिथि मेहता ने कहा कि पंत जी के साहित्य पर जितना अध्ययन किया जाए वह कम है। उन्होंने युवाओं से पंत जी के साहित्य पर अधिक शोध करने को कहा। लखनऊ से आए साहित्यकार केएन चंदोला ने साहित्यकारों को पंत जी के कविता संग्रह के बारे में बताया।
जूनियर हाईस्कूल कौसानी, लक्ष्मी आश्रम कौसानी के बच्चों ने पंत जी पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। वहां डॉ. हेम चंद्र दुबे, चंद्रशेखर बड़सीला, मनोज खोलिया, संतोष तिवारी, बची गिरी, लीलाधर वैष्णव, बसंती बहन, पान सिंह दोसाद, मोहन जोशी, देवकीनंदन कांडपाल, रमेश बृजवासी आदि ने विचार रखे।
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आयोजक राजकीय संग्रहालय अल्मोड़ा के प्रभारी ज्ञानप्रकाश तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया। समारोह के मुख्य अतिथि मेहता ने कहा कि पंत जी के साहित्य पर जितना अध्ययन किया जाए वह कम है। उन्होंने युवाओं से पंत जी के साहित्य पर अधिक शोध करने को कहा। लखनऊ से आए साहित्यकार केएन चंदोला ने साहित्यकारों को पंत जी के कविता संग्रह के बारे में बताया।
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जूनियर हाईस्कूल कौसानी, लक्ष्मी आश्रम कौसानी के बच्चों ने पंत जी पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। वहां डॉ. हेम चंद्र दुबे, चंद्रशेखर बड़सीला, मनोज खोलिया, संतोष तिवारी, बची गिरी, लीलाधर वैष्णव, बसंती बहन, पान सिंह दोसाद, मोहन जोशी, देवकीनंदन कांडपाल, रमेश बृजवासी आदि ने विचार रखे।
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