{"_id":"68360449ea157cee4c07ad15","slug":"youth-activity-in-district-bageshwar-news-c-231-1-ha11012-115931-2025-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: समर कैंप में छात्राएं सीख रही बंगाली भाषा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: समर कैंप में छात्राएं सीख रही बंगाली भाषा
Tue, 27 May 2025 11:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Tue, 27 May 2025 11:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गरुड़ (बागेश्वर)। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में मंगलवार से सात दिवसीय समर कैंप शुरू हो गया है। कैंप में छात्राओं को बंगाली भाषा को बोलने और पढ़ने का अभ्यास कराया जा रहा है।
प्रधानाचार्या सोनिया गौरव ने बताया कि बंगाली को बांग्ला भाषा भी कहा जाता है। यह पूर्वी इंडो-आर्यन भाषा है, जो भारत के पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, असम और बांग्लादेश में बोली जाती है। बंगाली लिपि में 11 स्वर और 32 व्यंजन हैं। उन्होंने छात्राओं को आम बोलबाल के बंगाली शब्दों का अभ्यास भी कराया। बताया कि बंगाली सीखना देश की अन्य भाषाओं की तुलना में सरल है। बंगाली सीखने में पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर की वर्ण परिचय काफी मददगार साबित होगी। संवाद
राइंका में विद्यार्थी कर रहे नाटक, गीत, नृत्य का अभ्यास
बागेश्वर। विक्टर मोहन जोशी राइंका में भी आयोजित समर कैंप के पहले दिन छात्र-छात्राओं ने आंचलिक बोली कुमाऊंनी, गढ़वाली, जौनसारी में गीत और नाटक प्रस्तुत किए। कुमाऊंनी भाषा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का चरित्र चित्रण किया। पंडित बद्रीदत्त पांडेय, श्रीदेव सुमन, विक्टर मोहन जोशी, हेमवती नंदन बहुगुणा आदि के जीवन काल को नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रधानाचार्य दीप चंद्र जोशी और डायट प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि समर कैंप में विद्यार्थियों को अपने हुनर का प्रदर्शन और निखारने का मौका मिलता है। इस मौके पर राजेश आगरी, निर्मला पांडेय, दीक्षा दानू, सुरेश राम, ममता जोशी आदि मौजूद रहीं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानाचार्या सोनिया गौरव ने बताया कि बंगाली को बांग्ला भाषा भी कहा जाता है। यह पूर्वी इंडो-आर्यन भाषा है, जो भारत के पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, असम और बांग्लादेश में बोली जाती है। बंगाली लिपि में 11 स्वर और 32 व्यंजन हैं। उन्होंने छात्राओं को आम बोलबाल के बंगाली शब्दों का अभ्यास भी कराया। बताया कि बंगाली सीखना देश की अन्य भाषाओं की तुलना में सरल है। बंगाली सीखने में पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर की वर्ण परिचय काफी मददगार साबित होगी। संवाद
विज्ञापन
राइंका में विद्यार्थी कर रहे नाटक, गीत, नृत्य का अभ्यास
बागेश्वर। विक्टर मोहन जोशी राइंका में भी आयोजित समर कैंप के पहले दिन छात्र-छात्राओं ने आंचलिक बोली कुमाऊंनी, गढ़वाली, जौनसारी में गीत और नाटक प्रस्तुत किए। कुमाऊंनी भाषा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का चरित्र चित्रण किया। पंडित बद्रीदत्त पांडेय, श्रीदेव सुमन, विक्टर मोहन जोशी, हेमवती नंदन बहुगुणा आदि के जीवन काल को नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रधानाचार्य दीप चंद्र जोशी और डायट प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि समर कैंप में विद्यार्थियों को अपने हुनर का प्रदर्शन और निखारने का मौका मिलता है। इस मौके पर राजेश आगरी, निर्मला पांडेय, दीक्षा दानू, सुरेश राम, ममता जोशी आदि मौजूद रहीं। संवाद
विज्ञापन