{"_id":"607c7e1c8ebc3e590777367b","slug":"women-quenching-the-family-s-thirst-by-carrying-water-on-their-heads-bageshwar-news-hld4220459193","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिर पर पानी ढोकर परिवार की प्यास बुझा रहीं महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिर पर पानी ढोकर परिवार की प्यास बुझा रहीं महिलाएं
विज्ञापन
बागेश्वर के असों में सिर पर पीने का पानी ढोकर लाती महिलाएं। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। धूराफाट के असों-मल्लाकोट में पेयजल संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। गांव में पानी की आपूर्ति ठप है। महिलाएं प्राकृतिक स्रोत से सिर पर पानी ढोकर परिवार की प्यास बुझा रही हैं। विभाग को कई बार सूचित करने पर भी जल संकट से निजात नहीं मिल रही है।
असों-मल्लाकोट के लोग लंबे समय से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। सरयू नदी से बनी पंपिंग योजना से क्षेत्र में पानी की आपूर्ति की जाती है। नलों में पानी नहीं आने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पानी जुटाने के चलते रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ रहा है। खेतीबाड़ी का काम भी प्रभावित होने लगा है। ग्रामीण प्राकृतिक स्रोत से पानी जुटाकर ला रहे हैं। गांव में एक ही स्रोत होने के कारण लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। गांव के सामाजिक कार्यकर्ता मोहन सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य चंदन रावत, गोपाल असवाल आदि ने जल्द पेयजल संकट को दूर करने की मांग की। इधर जल संस्थान के प्रभारी अधिशासी अभियंता सीएस देवड़ी ने कहा कि लाइन की जांच कराकर जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारू कराई जाएगी। (संवाद)
अठारह स्थानों पर टैंकरों से की पानी की आपूर्ति
अल्मोड़ा। जिले में लोगों को पानी के संकट से निजात नहीं मिल पा रही है। ग्रामीण इलाकों में स्थित और खराब है। दूरस्थ क्षेत्रों में लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। हालांकि सड़क से लगे इलाकों में जल संस्थान टैंकरों से पानी उपलब्ध करा रहा है।
विज्ञापन
पर्याप्त बारिश नहीं होने से जल स्रोतों और नदियों में पानी का स्तर घट रहा है। इस कारण लोगों को पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिलने से लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीण इलाकों में पीने के अलावा मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था करने में लोगों को काफी समय बीत रहा है। दूरदराज जल स्रोतों से लोग पानी लाकर गुजारा कर रहे हैं।
रविवार को जल संस्थान के अल्मोड़ा डिवीजन ने सल्ला गांव, मेरगांव, ढटवालगांव, बलम, मकड़ाऊं, चायखान, सिराड़, चितई पंत, हवालबाग, भैसोड़ा फार्म, बल्ढोटी, बेस अस्पताल डॉक्टर हॉस्टल, डीनापानी गांव, डीनापानी बाजार, सत्यूड़ा, मटेना, रौला-डीनापानी क्षेत्र में टैंकर से पानी की आपू
र्ति की। टैंकर के गांवों में पहुंचते ही पानी भरने के लिए लोगों की भीड़ लग रही है। जल संस्थान कई स्थानों पर दो-दो टैंकरों से भी पानी आपूर्ति कर रहा है।
गरुड़ वृहद पंपिंग योजना से नहीं हो रही नियमित पेयजल आपूर्ति
गरुड़(बागेश्वर)।गरुड़ वृहद पंपिंग पेयजल योजना से तेरह गांवों को नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। पेयजल संकट के दौर से गुजर रहे ग्रामीणों ने सीएम से पेयजल योजना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
गरुड़ वृहद पंपिंग योजना से बिमोला, नौघर, टीट बाजार, भकुनखोला, बैजनाथ, गढ़सेर,पाये, सिल्ली, मटेना,मेलाडुंगरी,स्याल्दे टीट, दर्शानी आदि गांवों के ग्रामीणों को नियमित पीने का पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीण हैंड पंपों और गरुड़ गंगा का प्रदूषित पानी पीने को मजबूर है। पेयजल संकट के दौर से गुजर रहे ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल निगम के अभियंताओं से नियमित पानी की आपूर्ति करने के संबंध में कह दिया है। विभाग ग्रामीणों की जायज समस्या को नजरअंदाज कर रहा है। ग्रामीणों ने पेयजल निगम के अवर अभियंता से हर पेयजल संयोजन तक जब तब पानी की बराबर आपूर्ति नहीं होती है तब तक ठेकेदारों को पाइप लाइन के निर्माण का भुगतान नहीं करने को कहा है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख भरत फर्स्वाण, ग्राम प्रधान संगठन के जिला संरक्षक प्रकाश कोहली, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लक्ष्मण राम आर्य ने सीएम से गरुड़ वृहद पंपिंग योजना के निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है
विज्ञापन
असों-मल्लाकोट के लोग लंबे समय से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। सरयू नदी से बनी पंपिंग योजना से क्षेत्र में पानी की आपूर्ति की जाती है। नलों में पानी नहीं आने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पानी जुटाने के चलते रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ रहा है। खेतीबाड़ी का काम भी प्रभावित होने लगा है। ग्रामीण प्राकृतिक स्रोत से पानी जुटाकर ला रहे हैं। गांव में एक ही स्रोत होने के कारण लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। गांव के सामाजिक कार्यकर्ता मोहन सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य चंदन रावत, गोपाल असवाल आदि ने जल्द पेयजल संकट को दूर करने की मांग की। इधर जल संस्थान के प्रभारी अधिशासी अभियंता सीएस देवड़ी ने कहा कि लाइन की जांच कराकर जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारू कराई जाएगी। (संवाद)
विज्ञापन
अठारह स्थानों पर टैंकरों से की पानी की आपूर्ति
अल्मोड़ा। जिले में लोगों को पानी के संकट से निजात नहीं मिल पा रही है। ग्रामीण इलाकों में स्थित और खराब है। दूरस्थ क्षेत्रों में लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। हालांकि सड़क से लगे इलाकों में जल संस्थान टैंकरों से पानी उपलब्ध करा रहा है।
विज्ञापन
पर्याप्त बारिश नहीं होने से जल स्रोतों और नदियों में पानी का स्तर घट रहा है। इस कारण लोगों को पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिलने से लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीण इलाकों में पीने के अलावा मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था करने में लोगों को काफी समय बीत रहा है। दूरदराज जल स्रोतों से लोग पानी लाकर गुजारा कर रहे हैं।
रविवार को जल संस्थान के अल्मोड़ा डिवीजन ने सल्ला गांव, मेरगांव, ढटवालगांव, बलम, मकड़ाऊं, चायखान, सिराड़, चितई पंत, हवालबाग, भैसोड़ा फार्म, बल्ढोटी, बेस अस्पताल डॉक्टर हॉस्टल, डीनापानी गांव, डीनापानी बाजार, सत्यूड़ा, मटेना, रौला-डीनापानी क्षेत्र में टैंकर से पानी की आपू
र्ति की। टैंकर के गांवों में पहुंचते ही पानी भरने के लिए लोगों की भीड़ लग रही है। जल संस्थान कई स्थानों पर दो-दो टैंकरों से भी पानी आपूर्ति कर रहा है।
गरुड़ वृहद पंपिंग योजना से नहीं हो रही नियमित पेयजल आपूर्ति
गरुड़(बागेश्वर)।गरुड़ वृहद पंपिंग पेयजल योजना से तेरह गांवों को नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। पेयजल संकट के दौर से गुजर रहे ग्रामीणों ने सीएम से पेयजल योजना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
गरुड़ वृहद पंपिंग योजना से बिमोला, नौघर, टीट बाजार, भकुनखोला, बैजनाथ, गढ़सेर,पाये, सिल्ली, मटेना,मेलाडुंगरी,स्याल्दे टीट, दर्शानी आदि गांवों के ग्रामीणों को नियमित पीने का पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीण हैंड पंपों और गरुड़ गंगा का प्रदूषित पानी पीने को मजबूर है। पेयजल संकट के दौर से गुजर रहे ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल निगम के अभियंताओं से नियमित पानी की आपूर्ति करने के संबंध में कह दिया है। विभाग ग्रामीणों की जायज समस्या को नजरअंदाज कर रहा है। ग्रामीणों ने पेयजल निगम के अवर अभियंता से हर पेयजल संयोजन तक जब तब पानी की बराबर आपूर्ति नहीं होती है तब तक ठेकेदारों को पाइप लाइन के निर्माण का भुगतान नहीं करने को कहा है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख भरत फर्स्वाण, ग्राम प्रधान संगठन के जिला संरक्षक प्रकाश कोहली, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लक्ष्मण राम आर्य ने सीएम से गरुड़ वृहद पंपिंग योजना के निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है