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सरयू स्नान और पूजा अर्चना के साथ किया नवसंवत्सर का स्वागत
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पहली नवरात्र पर बागेश्वर के चंडिका मंदिर में पूजा करते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिले में चैत्र नवरात्र, नववर्ष और नव संवत्सर का आगाज लोगों ने स्नान, दान और पूजा अर्चना के साथ किया। भक्तों ने प्राकृतिक नदियों और सरोवरों में स्नान कर देवस्थलों में पूजा अर्चना की। भगवान से सुख, समृद्धि और कोरोना से मुक्ति दिलाने का आशीर्वाद मांगा। कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष भी नवरात्र पर देवी मंदिरों में लोगों की संख्या बेहद कम रही।
नवरात्र के पहले दिन लोगों ने मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री की पूजा की। नवरात्र का उपवास रखने वाले भक्तों ने घरों में कलश स्थापना की। कई घरों में चैत्र का हरेला भी बोया गया। जिले के देवी मंदिरों में भी भक्तजन पूजा अर्चना करने गए। हालांकि कोरोना महामारी के चलते मंदिरों में अन्य वर्षों जैसी भीड़ देखने को नहीं मिली।
सीमित संख्या में भक्तों ने मंदिरों में पूजा अर्चना की। नगर के चंडिका मंदिर, उल्का मंदिर, जजी की कालिका मंदिर, गरुड़ के कोट भ्रामरी मंदिर, कांडा के महाकाली मंदिर, कपकोट में बदियाकोट, फरसाली, शामा सहित अन्य ग्रामीण देवी मंदिरों में नवरात्र को पूजा अर्चना की जाती है। इधर, नव संवत्सर के शुभारंभ पर अनेक लोगों ने सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाई। भक्तों ने बाबा बागनाथ मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना भी की।
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नवरात्र के पहले दिन लोगों ने मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री की पूजा की। नवरात्र का उपवास रखने वाले भक्तों ने घरों में कलश स्थापना की। कई घरों में चैत्र का हरेला भी बोया गया। जिले के देवी मंदिरों में भी भक्तजन पूजा अर्चना करने गए। हालांकि कोरोना महामारी के चलते मंदिरों में अन्य वर्षों जैसी भीड़ देखने को नहीं मिली।
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सीमित संख्या में भक्तों ने मंदिरों में पूजा अर्चना की। नगर के चंडिका मंदिर, उल्का मंदिर, जजी की कालिका मंदिर, गरुड़ के कोट भ्रामरी मंदिर, कांडा के महाकाली मंदिर, कपकोट में बदियाकोट, फरसाली, शामा सहित अन्य ग्रामीण देवी मंदिरों में नवरात्र को पूजा अर्चना की जाती है। इधर, नव संवत्सर के शुभारंभ पर अनेक लोगों ने सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाई। भक्तों ने बाबा बागनाथ मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना भी की।
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