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बागेश्वर में पेयजल संकट जल्द दूर होने के नहीं दिख रहे आसार
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बागेश्वर। सरयू और गोमती नदी के तट पर बसे बागेश्वर में पेयजल समस्या का जल्द निदान होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। नगर में करीब एक दर्जन पेयजल योजनाएं संचालित की जा रही हैं लेकिन उपभोक्ताओं को मानकों के अनुरूप पानी नहीं मिल रहा है। मंडलसेरा में बन रही 18 करोड़ की पंपिंग योजना का काम अधर में लटकने से दिक्कत अधिक बढ़ गई है।
नगर की करीब 30 हजार की आबादी को रोजाना 5.5 एमएलडी पानी की जरूरत होती है लेकिन विभिन्न योजनाओं से मात्र 2.73 एमएलडी पानी ही मिल पा रहा है। जल संस्थान की कठायतबाड़ा पंपिंग, जखेड़ा, अमसरकोट, बिलौना, मंडलसेरा, धार से संचालित होने वाली पेयजल योजना सहित करीब 10 योजनाओं से नगर के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की जाती है। हालांकि कई योजनाओं के जर्जर और पुरानी होने के कारण अधिकांश स्थानों पर पानी का रिसाव होता है। हर साल गर्मियों के सीजन में नगर क्षेत्र में पानी के लिए मारामारी रहती है। लोगों को पेयजल के लिए धारे, सेनोला सहित हैंडपंपों में जुटना पड़ता है। बावजूद इसके मंडलसेरा पेयजल योजना के निर्माण में तेजी नहीं दिख रही है। गर्मी शुरू हो गई है, लेकिन अब तक पेयजल योजना का काम पूरा नहीं हो सका है। जिसके कारण इस गर्मी में भी लोगों को पेयजल संकट से निजात मिलने की उम्मीद नहीं है।
इधर, पेयजल निगम के ईई विपिन कुमार रवि ने कहा कि मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। मुख्य टैंक सहित कुुछ कार्य शेष है। जिसमें दो-तीन महीने का समय लग सकता है।
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नगर की करीब 30 हजार की आबादी को रोजाना 5.5 एमएलडी पानी की जरूरत होती है लेकिन विभिन्न योजनाओं से मात्र 2.73 एमएलडी पानी ही मिल पा रहा है। जल संस्थान की कठायतबाड़ा पंपिंग, जखेड़ा, अमसरकोट, बिलौना, मंडलसेरा, धार से संचालित होने वाली पेयजल योजना सहित करीब 10 योजनाओं से नगर के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की जाती है। हालांकि कई योजनाओं के जर्जर और पुरानी होने के कारण अधिकांश स्थानों पर पानी का रिसाव होता है। हर साल गर्मियों के सीजन में नगर क्षेत्र में पानी के लिए मारामारी रहती है। लोगों को पेयजल के लिए धारे, सेनोला सहित हैंडपंपों में जुटना पड़ता है। बावजूद इसके मंडलसेरा पेयजल योजना के निर्माण में तेजी नहीं दिख रही है। गर्मी शुरू हो गई है, लेकिन अब तक पेयजल योजना का काम पूरा नहीं हो सका है। जिसके कारण इस गर्मी में भी लोगों को पेयजल संकट से निजात मिलने की उम्मीद नहीं है।
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इधर, पेयजल निगम के ईई विपिन कुमार रवि ने कहा कि मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। मुख्य टैंक सहित कुुछ कार्य शेष है। जिसमें दो-तीन महीने का समय लग सकता है।
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