फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Water Crysis in Bageshwar

कोरोना काल में लोगों को रुला रही पानी की कमी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 08 May 2021 11:49 PM IST
विज्ञापन
Water Crysis in Bageshwar
बागेश्वर। कोरोना काल में भी जिले की जनता पानी की कमी से जूझ रही है। पानी की कमी के कारण लोगों को कोविड कर्फ्यू के दौरान भी पानी भरने के लिए जलस्रोतों और हैंडपंपों के पास लाइन लगानी पड़ रही है।
विज्ञापन

कर्फ्यू के दौरान पानी भरने से पुलिस की फटकार भी सहनी पड़ रही है। जिला मुख्यालय के साथ ही कई इलाके पानी की कमी का सामना कर रहे हैं। कोरोना काल में जल संकट लोगों को और मुसीबत में डाल रहा है।
विज्ञापन

सरयू और गोमती के तट पर बसा बागेश्वर नगर जिला बनने के 23 साल बीतने के बाद भी पेयजल संकट से जूझ रहा है। जिला मुख्यालय के लिए कई पेयजल योजनाएं बनी हैं। इसके बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कई इलाकों में एक दिन छोड़कर पानी मिलता है। जिला मुख्यालय को रोज 4.55 एमएलडी पानी की जरूरत है लेकिन केवल 2.77 एमएमडी मिल रहा है। पानी की कमी दूर करने के लिए लोग हैंडपंप और जलधारों का सहारा ले रहे हैं।
सुबह से शाम तक लोग पानी भरते दिखाई देते हैं। कोविड कर्फ्यू के दौरान भी लोग पानी भरने को मजबूर हैं। इसके लिए लोगों को पुलिस की फटकार तक खानी पड़ रही है। पेयजल संकट से जल्द निजात मिलना मुश्किल है।
विधायक चंदन राम दास का कहना है कि नगर और आसपास के इलाकों में पानी की आपूर्ति के लिए मेहनरबुंगा, मंडलसेरा पंपिंग योजना का निर्माण चल रहा है। जखेड़ा पेयजल योजना का भी पुनर्गठन होना है। इन योजनाओं के बनने के बाद पेयजल संकट से मुक्ति मिल जाएगी।
एक साल बाद भी नहीं आया टैंक में पानी
बागेश्वर। खुनौली गांव में भी पानी का गंभीर संकट है। गांव में राज्य वित्त मद से बनी टंकी से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। गांव के लोगों ने बताया कि गांव के लिए बनी पेयजल योजना काफी लंबी है। पेयजल संकट दूर करने के लिए वर्ष 2020 में पानी स्टोर करने के लिए एक टैंक बनाया गया लेकिन इस टैंक में पानी की बूंद नहीं टपकी है।
खुनौली निवासी गणेश दत्त कांडपाल ने बताया कि गांव के 50 परिवार पेयजल संकट झेल रहे हैं। टैंक को चालू किया जाए, तो पानी के संकट से काफी हद तक निजात मिलेगी लेकिन एक लाख रुपये का टैंक बनाकर लावारिस छोड़ दिया गया है। उन्होंने टैंक में पानी की आपूर्ति करने की मांग की है।
सल्ट में पांच दिन से नहीं मिला पानी
मौलेखाल (संवाद)। पिछले एक हफ्ते से रोज बारिश होने के कारण रामगंगा में पानी गंदा आने से कोटेश्वर-शशिखाल पंपिंग योजना का पंप पांच दिनों से बंद है। इससे तहसील मुख्यालय और मुख्य बाजारों समेत 50 से ज्यादा गांवों में पानी की आपूर्ति ठप है।

पेयजल योजना से जुड़े गांव मौलेखाल, शशिखाल, तहसील चौक, घोपड़ी, मैठानी, जालीखान, बांगीधार, कपराढय्या, गेलुवाडांडा, सुवापानी, पैसिया, कालीगांव बाजार, नेवलगांव, मल्ली पोखरी, मनराल टनोला, बैला, पीएचसी देवायल, करगेत, कालीगांव, रिक्वासी, उजलकाना, हिनौला, भ्याड़ी, डहला, औलेत, रिक्वासी, ड्योना, थला, सकरखोला, घचकोट, मैठानी, जंतरा, खुमाड़, नदोल, कानेखलपाटी, गिगडे, मटवास आदि गांवों के लोग पेयजल वंचित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तो पीने के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed