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गलई गांव में दो महीने से पेयजल संकट, प्राकृतिक स्रोत से पानी जुटा रहे लोग
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बागेश्वर। गर्मियों के दिनों में पानी की किल्लत बढ़ती जा रही है। जिला मुख्यालय में लोगों को अक्सर पेयजल किल्लत झेलनी पड़ती है तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात खराब होते जा रहे हैं।
गरुड़ विकासखंड के गलई गांव में भी दो महीने से पेयजल संकट गहरा गया है। लोगों को प्राकृतिक स्रोत से पानी जुटाना पड़ रहा है। बुढ़ापे में भी लोग पानी के लिए दौड़ लगाने को मजबूर हैं।
गलई गांव के लिए जल संस्थान की पेयजल योजना नहीं बन पाई है। गांव में स्वजल की योजना से पानी की आपूर्ति होती थी। दो महीने से लाइन ठप होने से नल सूखे पड़ गए हैं।
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गांव के 45 परिवार पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीण गांव के एकमात्र प्राकृतिक स्रोत नौले से पानी जुटा रहे हैं। पानी के लिए बुजुर्गों को अधिक दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
छोटे-छोटे बर्तन लेकर बुजुर्ग दिनभर के लिए पानी जुटा रहे हैं। ग्रामीण इंद्र सिंह, चंद्र सिंह, पार्वती देवी, खिमुली देवी आदि ने बताया कि गांव में हर घर नल योजना की लाइन भी बिछाई गई है। स्वजल की लाइन भी है, लेकिन पानी की बूंद नहीं टपक रही है। उन्होंने जल्द गांव की पेयजल किल्लत को दूर करने की मांग की है।
इधर, जल संस्थान के जेई अशोक भट्ट ने कहा कि गलई गांव में स्वजल की योजना है। एक बार पूर्व में योजना को ठीक भी कराया गया था। योजना की देखरेख करने वाले चौकीदार से बात कर जल्द समस्या का निदान किया जाएगा।
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गरुड़ विकासखंड के गलई गांव में भी दो महीने से पेयजल संकट गहरा गया है। लोगों को प्राकृतिक स्रोत से पानी जुटाना पड़ रहा है। बुढ़ापे में भी लोग पानी के लिए दौड़ लगाने को मजबूर हैं।
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गलई गांव के लिए जल संस्थान की पेयजल योजना नहीं बन पाई है। गांव में स्वजल की योजना से पानी की आपूर्ति होती थी। दो महीने से लाइन ठप होने से नल सूखे पड़ गए हैं।
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गांव के 45 परिवार पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीण गांव के एकमात्र प्राकृतिक स्रोत नौले से पानी जुटा रहे हैं। पानी के लिए बुजुर्गों को अधिक दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
छोटे-छोटे बर्तन लेकर बुजुर्ग दिनभर के लिए पानी जुटा रहे हैं। ग्रामीण इंद्र सिंह, चंद्र सिंह, पार्वती देवी, खिमुली देवी आदि ने बताया कि गांव में हर घर नल योजना की लाइन भी बिछाई गई है। स्वजल की लाइन भी है, लेकिन पानी की बूंद नहीं टपक रही है। उन्होंने जल्द गांव की पेयजल किल्लत को दूर करने की मांग की है।
इधर, जल संस्थान के जेई अशोक भट्ट ने कहा कि गलई गांव में स्वजल की योजना है। एक बार पूर्व में योजना को ठीक भी कराया गया था। योजना की देखरेख करने वाले चौकीदार से बात कर जल्द समस्या का निदान किया जाएगा।