{"_id":"62376f43f3dd950382227e6c","slug":"water-crisis-at-bageshwar-bageshwar-news-hld4568942161","type":"story","status":"publish","title_hn":"14 दिन से एकमात्र जलस्रोत से प्यास बुझा रहे अड़ोली के 25 परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
14 दिन से एकमात्र जलस्रोत से प्यास बुझा रहे अड़ोली के 25 परिवार
विज्ञापन
बागेश्वर के अड़ौली में एकमात्र जलस्रोत नौले पर पानी भरने को आई महिलाएं। विज्ञप्ति
- फोटो : BAGESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। जिला मुख्यालय से सटे अड़ौली गांव में 14 दिन से पानी की बूंद नहीं टपकी है। गांव के 25 परिवार एकमात्र जलस्रोत नौले से पानी जुटा रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ नौले का जलस्तर भी कम होने लगा है। विभाग को सूचित करने के बाद भी पेयजल आपूर्ति सही नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
अड़ौली गांव में जल संस्थान की जखेड़ा पेयजल योजना से आपूर्ति की जाती है। गांव को पेयजल उपलब्ध कराने वाली यह एकमात्र योजना है। दो सप्ताह से पेयजल आपूर्ति ठप होने के बाद ग्रामीण गांव के एकमात्र नौले पर निर्भर हो गए हैं। सुबह से लेकर शाम तक नौले पर पानी भरने के लिए लोगों की लाइन लग रही है। ग्रामीण अपने और जानवरों के उपयोग के लिए नौले से पानी भर रहे हैं। जिसके कारण नौले का जलस्तर काफी कम हो गया है। गर्मी बढ़ने से भी नौले में पानी की कमी होने लगी है।
सरपंच संगठन के जिलाध्यक्ष पूरन सिंह रावल ने बताया कि हर साल गर्मी में गांव में पेयजल संकट पैदा हो जाता है। जखेड़ा से बनी पेयजल योजना काफी पुरानी और जर्जर हो गई है। इसके बावजूद ग्रामीणों को नई पेयजल योजना से नहीं जोड़ा गया है। कहा कि बारिश के दौरान भी अक्सर योजना की पाइन लाइन टूटने से परेशानी होती है।
विज्ञापन
गांव की महिला नौला समिति की अध्यक्ष बसंती रावल, सचिव सुनीता रावल, कमला रावल, दीप्ति पांडे, बीना देवी, राधा देवी, उमा कोरंगा, कविता देवी, हेमा जोशी, सरस्वती आदि ने कहा कि नौले से पानी जुटाने के कारण लोगों के रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। लोगों को आवश्यकता के अनुसार पानी भी उपलब्ध नहीं हो रहा है। कहा कि जल्द पेयजल योजना से आपूर्ति नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
अड़ोली गांव में जखेड़ा पेयजल योजना से आपूर्ति की जाती है। लाइनमैन को भेजकर अड़ौली की पेयजल लाइन की जांच कराई जाएगी। गांव में जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारु कराई जाएगी।
सीएस देवड़ी, ईई जल संस्थान, बागेश्वर
विज्ञापन
अड़ौली गांव में जल संस्थान की जखेड़ा पेयजल योजना से आपूर्ति की जाती है। गांव को पेयजल उपलब्ध कराने वाली यह एकमात्र योजना है। दो सप्ताह से पेयजल आपूर्ति ठप होने के बाद ग्रामीण गांव के एकमात्र नौले पर निर्भर हो गए हैं। सुबह से लेकर शाम तक नौले पर पानी भरने के लिए लोगों की लाइन लग रही है। ग्रामीण अपने और जानवरों के उपयोग के लिए नौले से पानी भर रहे हैं। जिसके कारण नौले का जलस्तर काफी कम हो गया है। गर्मी बढ़ने से भी नौले में पानी की कमी होने लगी है।
विज्ञापन
सरपंच संगठन के जिलाध्यक्ष पूरन सिंह रावल ने बताया कि हर साल गर्मी में गांव में पेयजल संकट पैदा हो जाता है। जखेड़ा से बनी पेयजल योजना काफी पुरानी और जर्जर हो गई है। इसके बावजूद ग्रामीणों को नई पेयजल योजना से नहीं जोड़ा गया है। कहा कि बारिश के दौरान भी अक्सर योजना की पाइन लाइन टूटने से परेशानी होती है।
विज्ञापन
गांव की महिला नौला समिति की अध्यक्ष बसंती रावल, सचिव सुनीता रावल, कमला रावल, दीप्ति पांडे, बीना देवी, राधा देवी, उमा कोरंगा, कविता देवी, हेमा जोशी, सरस्वती आदि ने कहा कि नौले से पानी जुटाने के कारण लोगों के रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। लोगों को आवश्यकता के अनुसार पानी भी उपलब्ध नहीं हो रहा है। कहा कि जल्द पेयजल योजना से आपूर्ति नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
अड़ोली गांव में जखेड़ा पेयजल योजना से आपूर्ति की जाती है। लाइनमैन को भेजकर अड़ौली की पेयजल लाइन की जांच कराई जाएगी। गांव में जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारु कराई जाएगी।
सीएस देवड़ी, ईई जल संस्थान, बागेश्वर