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सुविधाओं का वादा कर परेशानी गले मढ़ दी
Thu, 07 Feb 2019 01:07 AM IST
Almora desk
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Published by: Almora desk
Updated Thu, 07 Feb 2019 01:07 AM IST
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बागेश्वर में पालिका में शामिल किए गए नए गांव भवन कर में छूट की सरकार की घोषणा का फायदा तो अभी नहीं ले पा रहे हैं लेकिन अब इसके सामने पानी और बिजली का संकट जरूर उठ खड़ा हुआ है। भवन कर में दस साल की छूट का अभी शासन से आदेश जारी नहीं हुआ है और भवन कर की रसीद के बिना इन्हें बिजली और पानी के संयोजन के लिए माथापच्ची करनी पड़ रही है।
चुनाव के दौरान सरकार ने नगर पालिका में शामिल किए गए गांवों को भवन कर में दस साल तक छूट देने की घोषणा की थी। कोई आदेश जारी न होने के कारण भवन कर के संबंध में पालिका भी कोई फैसला नहीं कर पा रही है।
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लोगों का कहना है कि पेयजल बिल का निर्धारण भवन कर की रसीद से होता है।बिजली संयोजन के लिए भी ऊर्जा निगम स्वामित्व अधिकार के लिए भवन कर की रसीद मांगता है। परिसीमन होने पर पालिका में इस बार कठायतबाड़ा, मंडलसेरा, गाड़ गांव, बिलौना, नदीगांव, कफलखेत, माजियाखेत, भतरौला, सैंज, मेहनरबूंगा गांव शामिल किए गए हैं।
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जल संस्थान को भी हो रहा है नुकसान
भवन कर की रसीद से ही जल संस्थान बिलिंग करता है। पालिका में शामिल किए गए गांवों की फिलहाल बिलिंग न्यूनतम स्लैब के आधार पर ही की जा रही है। इससे जल संस्थान को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। - एमके टम्टा, ईई जल संस्थान
रसीद नहीं है, अन्य विकल्प भी हैं