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नए साल में आंदोलन तेज करने की चेतावनी
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बागेश्वर में मांग पूरी करने के लिए नारेबाजी करते रेल मार्ग संघर्ष समिति के सदस्य।
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति की बैठक रविवार को तहसील परिसर में हुई। इसमें सदस्यों ने रेल मार्ग निर्माण की मांग को लेकर नारेबाजी की। कहा कि नए साल में इस मांग को पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ब्रिटिशकाल में यह परियोजना वर्ष 1882 में प्रस्तावित 1912 में स्वीकृत हुई। भारत सरकार ने भी 1980, 2006, 2008, 2009 में इसका सर्वे कराया। वर्ष 2011 के बजट में राष्ट्रीय परियोजना घोषित होने के बावजूद यह लाइन नहीं बन सकी जबकि बाद में स्वीकृत चार धाम रेल मार्ग का निर्माण शुरू हो चुका है। वक्ताओं ने बागेश्वर महायोजना और जिला विकास प्राधिकरण को अव्यवहारिक बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग की। बताया कि अगली बैठक 19 जनवरी को तहसील परिसर में ही होगी।
अध्यक्ष नीमा दफौटी की अध्यक्षता में महासचिव खड़क राम आर्य ने संचालन किया। इस दौरान महेश चंद्र पांडे, गिरीश चंद्र पाठक, लक्ष्मी धर्मशक्तू, लक्ष्मण परिहार, बंशीधर जोशी, डॉ. प्रताप सिंह गढ़िया, ललिता असवाल, प्रताप सिंह मेहता, दीप चंद्र जोशी, रमेश टम्टा, ममता नेगी, किशन राम, पार्वती पाठक, सरस्वती ग्यासाकोटी, रेखा परिहार, रतन शाही, महेंद्र पिल्ख्वाल आदि थे।
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बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ब्रिटिशकाल में यह परियोजना वर्ष 1882 में प्रस्तावित 1912 में स्वीकृत हुई। भारत सरकार ने भी 1980, 2006, 2008, 2009 में इसका सर्वे कराया। वर्ष 2011 के बजट में राष्ट्रीय परियोजना घोषित होने के बावजूद यह लाइन नहीं बन सकी जबकि बाद में स्वीकृत चार धाम रेल मार्ग का निर्माण शुरू हो चुका है। वक्ताओं ने बागेश्वर महायोजना और जिला विकास प्राधिकरण को अव्यवहारिक बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग की। बताया कि अगली बैठक 19 जनवरी को तहसील परिसर में ही होगी।
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अध्यक्ष नीमा दफौटी की अध्यक्षता में महासचिव खड़क राम आर्य ने संचालन किया। इस दौरान महेश चंद्र पांडे, गिरीश चंद्र पाठक, लक्ष्मी धर्मशक्तू, लक्ष्मण परिहार, बंशीधर जोशी, डॉ. प्रताप सिंह गढ़िया, ललिता असवाल, प्रताप सिंह मेहता, दीप चंद्र जोशी, रमेश टम्टा, ममता नेगी, किशन राम, पार्वती पाठक, सरस्वती ग्यासाकोटी, रेखा परिहार, रतन शाही, महेंद्र पिल्ख्वाल आदि थे।
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