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डोली में बैठकर मत डालने दिव्यांग मतदाता जाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Sun, 29 Jan 2017 11:18 PM IST
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5 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव में दिव्यांग मतदाता भी आसानी से अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे। प्रशासन की ओर से दिव्यांग मतदाताओं के लिए बूथों में रैंप बनाए गए हैं। चिन्हित किए गए दिव्यांग मतदाताओं को बूथ तक लाने के लिए डोली की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बूथफैसिलिटेटर को विशेष रूप से निर्देशित किया है।
बागेश्वर जिले में 145 दिव्यांग मतदाता चिन्हित किए गए हैं। सभी दिव्यांग मतदाता अपने मत का प्रयोग कर सके, इसके लिए प्रशासन की ओर से विशेष रूप से तैयारियां की गई हैं। दिव्यांग मतदाताओं को वोट डालने में किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए संबंधित बूथों में रैंप की व्यवस्था की गई है। हर दिव्यांग मतदाता बूथों तक पहुंचे इसका भी विशेष ध्यान रखा गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि दिव्यांग मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक ले जाने की जिम्मेदारी बूथ फैसिलिटेटर को करनी है।
उन्होंने बूथ फैसिलिटेटर को दिव्यांग मतदाताओं को बूथ तक ले जाने के लिए डोली की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन की इस व्यवस्था से दिव्यांग मतदाता भी आसानी से अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे। पर्वतीय क्षेत्र में अधिकांश पोलिंग बूथ सड़क मार्ग से दूर होते हैं। यातायात सुविधा न होने और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के कारण गांवों में रहने वाले ज्यादातर दिव्यांग मतदाता बूथों तक नहीं पहुंच पाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग की ओर से इस बार रैंप सहित अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
बागेश्वर जिले में 145 दिव्यांग मतदाता चिन्हित किए गए हैं। सभी दिव्यांग मतदाता अपने मत का प्रयोग कर सके, इसके लिए प्रशासन की ओर से विशेष रूप से तैयारियां की गई हैं। दिव्यांग मतदाताओं को वोट डालने में किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए संबंधित बूथों में रैंप की व्यवस्था की गई है। हर दिव्यांग मतदाता बूथों तक पहुंचे इसका भी विशेष ध्यान रखा गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि दिव्यांग मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक ले जाने की जिम्मेदारी बूथ फैसिलिटेटर को करनी है।
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उन्होंने बूथ फैसिलिटेटर को दिव्यांग मतदाताओं को बूथ तक ले जाने के लिए डोली की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन की इस व्यवस्था से दिव्यांग मतदाता भी आसानी से अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे। पर्वतीय क्षेत्र में अधिकांश पोलिंग बूथ सड़क मार्ग से दूर होते हैं। यातायात सुविधा न होने और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के कारण गांवों में रहने वाले ज्यादातर दिव्यांग मतदाता बूथों तक नहीं पहुंच पाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग की ओर से इस बार रैंप सहित अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
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