{"_id":"6116c35c8ebc3ee08f60f86b","slug":"villagers-of-chachai-demonstrated-the-demand-for-bridge-and-road-bageshwar-news-hld4345037153","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुल और सड़क की मांग को चचई के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुल और सड़क की मांग को चचई के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
बागेश्वर में प्रदर्शन करते चचई के लोग। विज्ञप्ति
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। चचई गांव के लिए मोटर मार्ग और पुल का निर्माण कार्य पांच वर्ष से अधर में लटका है। ग्रामीणों को मुख्य बाजार आने के लिए सात किमी की दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। नाराज ग्रामीणों ने पुल और सड़क का निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग को लेकर जिला कार्यालय में प्रदर्शन किया। जल्द समस्या का निदान नहीं होने पर आंदोलन करने की चेेतावनी दी।
शुक्रवार को चचई के ग्रामीणों ने जिला कार्यालय में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2016 से गांव के लिए स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत पांच किमी लंबी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। मार्ग में दो पुलों का भी निर्माण होना है, लेकिन विभाग ने कुछ दूरी तक कटान करने के बाद काम अटका दिया है। सड़क कटान के कारण ग्रामीणों के पैदल रास्ते, पेयजल स्रोत और कृषि भूमि को भी नुकसान हुआ है। पैदल रास्ता टूटने के कारण ग्रामीणों को मोटर मार्ग तक आने के लिए सात किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है। बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं को डोली में परेशानी उठाकर डोली में लाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि पांच वर्ष से लगातार विभाग से पुल बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द स्वीकृत मोटर मार्ग और पुल का निर्माण नहीं कराया गया तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस मौके पर भुवन जोशी, दीवान राम, केदार राम, सुरेश लाल, भीम कुमार, प्रकाश चंद्र, दिनेश चंद्र, कुंदन राम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को चचई के ग्रामीणों ने जिला कार्यालय में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2016 से गांव के लिए स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत पांच किमी लंबी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। मार्ग में दो पुलों का भी निर्माण होना है, लेकिन विभाग ने कुछ दूरी तक कटान करने के बाद काम अटका दिया है। सड़क कटान के कारण ग्रामीणों के पैदल रास्ते, पेयजल स्रोत और कृषि भूमि को भी नुकसान हुआ है। पैदल रास्ता टूटने के कारण ग्रामीणों को मोटर मार्ग तक आने के लिए सात किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है। बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं को डोली में परेशानी उठाकर डोली में लाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने कहा कि पांच वर्ष से लगातार विभाग से पुल बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द स्वीकृत मोटर मार्ग और पुल का निर्माण नहीं कराया गया तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस मौके पर भुवन जोशी, दीवान राम, केदार राम, सुरेश लाल, भीम कुमार, प्रकाश चंद्र, दिनेश चंद्र, कुंदन राम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन