{"_id":"5c952bc7bdec2214374a769d","slug":"varun-diwali-basera-phag-which-is-a-very-difficult-year","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘बरस दीवाली बसरे फाग जो भागि जीवे आघिलाक साल...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘बरस दीवाली बसरे फाग जो भागि जीवे आघिलाक साल...
विज्ञापन
होली के समापन हवन करते पतंजलि योग समिति के युवा शाखा से जुड़े कार्यकर्ता।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में रंगों का पर्व होली शांतिपूर्वक संपन्न हो गया है। होल्यारों ने लोगों को ‘बरस दीवाली बसरे फाग जो भागि जीवे आघिलाक साल...’ के साथ आशीर्वचन दिया। वहीं बुधवार रात विधि विधान से होलिका दहन हुआ। होल्यारों ने मंदिरों में प्रसाद चढ़ाया। हलुवा, भांग, नीबू और पोदिना की चटनी के साथ आलू के गुटकों का स्वाद चखा।
इधर पतंजलि योग समिति के प्रदेश युवा सह प्रभारी कमलेश की अगुवाई में मंडलसेरा गांव में होली का पर्व वैदिक रीति रिवाज के साथ मनाया गया। इस मौके पर नई गेहूं की फसल से मंत्रोच्चारण के जरिए यज्ञ में आहुति दी गई। प्रदेश सह प्रभारी कमलेश ने कहा कि होली का पर्व आपसी सद्भाव बढ़ाता है। वहां गोविंद गिरी, प्रताप गिरी, जयंत गिरी, बच्ची गिरी, बसंत गिरी, किशन गिरी, हरीश, उमा, शोभा और नीलम थे। उधर गरुड़ के सिल्ली, पाये, अणां, पुरुड़ा, चनोली, मटे, तिलसारी, नरग्वाड़ी, भेंटा, कुमरौड़ा, जिनखोला, अयारतोली, वज्यूला, डंगोली, गोमती और लाहुरघाटी के ग्रामीणों ने शुक्रवार को अपने-अपने गांव में जमकर होली खेली। ब्यूरो
कार्यस्थलों को लौटने लगे लोग
बागेश्वर। होली का पर्व मनाने के लिए गांवों में आए प्रवासियों का शुक्रवार से अपने कार्यस्थलों पर लौटना शुरू हो गया है। प्रवासी बसों और टैक्सियों में बैठकर दिल्ली, लखनऊ, गुड़गांव, हल्द्वानी, नैनीताल, मुरादाबाद, देहरादून, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के लिए रवाना हुए। बस और टैक्सी स्टेंडों पर प्रवासियों के लौटने से खासी चहल पहल दिखाई दी। केमु के स्टेशन प्रभारी धरणीधर जोशी ने बताया शुक्रवार को हल्द्वानी, अल्मोड़ा, रानीखेत और पिथारौगढ़ को जाने वाले सारी बसें फुल गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
इधर पतंजलि योग समिति के प्रदेश युवा सह प्रभारी कमलेश की अगुवाई में मंडलसेरा गांव में होली का पर्व वैदिक रीति रिवाज के साथ मनाया गया। इस मौके पर नई गेहूं की फसल से मंत्रोच्चारण के जरिए यज्ञ में आहुति दी गई। प्रदेश सह प्रभारी कमलेश ने कहा कि होली का पर्व आपसी सद्भाव बढ़ाता है। वहां गोविंद गिरी, प्रताप गिरी, जयंत गिरी, बच्ची गिरी, बसंत गिरी, किशन गिरी, हरीश, उमा, शोभा और नीलम थे। उधर गरुड़ के सिल्ली, पाये, अणां, पुरुड़ा, चनोली, मटे, तिलसारी, नरग्वाड़ी, भेंटा, कुमरौड़ा, जिनखोला, अयारतोली, वज्यूला, डंगोली, गोमती और लाहुरघाटी के ग्रामीणों ने शुक्रवार को अपने-अपने गांव में जमकर होली खेली। ब्यूरो
विज्ञापन
कार्यस्थलों को लौटने लगे लोग
बागेश्वर। होली का पर्व मनाने के लिए गांवों में आए प्रवासियों का शुक्रवार से अपने कार्यस्थलों पर लौटना शुरू हो गया है। प्रवासी बसों और टैक्सियों में बैठकर दिल्ली, लखनऊ, गुड़गांव, हल्द्वानी, नैनीताल, मुरादाबाद, देहरादून, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के लिए रवाना हुए। बस और टैक्सी स्टेंडों पर प्रवासियों के लौटने से खासी चहल पहल दिखाई दी। केमु के स्टेशन प्रभारी धरणीधर जोशी ने बताया शुक्रवार को हल्द्वानी, अल्मोड़ा, रानीखेत और पिथारौगढ़ को जाने वाले सारी बसें फुल गई।
विज्ञापन