{"_id":"587fa3c94f1c1b6f2eefe158","slug":"uttarayani-fair-kumaoni-and-hindi-songs-dhoom-machi","type":"story","status":"publish","title_hn":" उत्तरायणी मेले में कुमाऊंनी और हिंदी गीतों की मची धूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तरायणी मेले में कुमाऊंनी और हिंदी गीतों की मची धूम
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
Updated Wed, 18 Jan 2017 10:50 PM IST
विज्ञापन
होली गीत गाती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भगवान बागनाथ की नगरी में उत्तरायणी मेले के कार्यक्रमों की धूम मची हुई है। नगर में कुमाऊंनी, गढ़वाली और हिंदी गीतों की धूम मची हुई है। मंगलवार की रात गोविंद दिगारी के नाम रही। दिगारी के गीत ये रेशमी जुल्फें ये शरबती आंखें...समेत कई अन्य गीतों का लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया।
मेलास्थल रामलीला भवन में मंगलवार रात लोक कलाकार गोविंद दिगारी ने पहाड़ छुट गो, म्यर गों छुट गो..., गायिका खुशी जोशी ने अपने कार्यक्रमों की शुरूआत देवी के जयकारा के साथ किया। उन्होंने न्यौली काटन्या काटन्या ठंडो पाणि..., घास काटूंल इजू..., रंगीली बिंदी घाघर काई धोती किनार वाई...हाल क्या है दिलो सनम...,गोविंद पंवार ने ओ भीना कसिके जानूं द्वारहाटा...डीडीहाटकि विमला छोरी...समेत कई अन्य मन भावन गीतों का गायन किया। मंच पर महिलाओं ने होली के गीतों का गायन किया। उन्होंने आयो नवल बंसत ऋतुराज कहायो..., आ हो रघुनंदन..., समेत अनेक मन मोहक होली के गीतों का गायन किया। इसमें गीता उपाध्याय, कमला जौहरी, चंद्रा उपाध्याय, मंजूूूू जोशी और ममता रावल आदि शामिल थे।
वहां एसडीएम श्याम सिंह राणा, नगर पालिकाध्यक्ष गीता रावल, ईओ ईश्वर सिंह रावत, भुवन कांडपाल और रघुवीर दफौटी आदि थे। बुधवार सुबह 11 से सायं पांच बजे तक स्थानीय कलाकारों और सूचना एवं संस्कृति विभाग के कलाकारों ने नी काओ हरियां जंगल... तीले धारो बोला..., आजकल हैरे ज्वाना मेरी नौलि परांण...समेत कई अन्य मनभावन गीत और नृत्य पेश किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेलास्थल रामलीला भवन में मंगलवार रात लोक कलाकार गोविंद दिगारी ने पहाड़ छुट गो, म्यर गों छुट गो..., गायिका खुशी जोशी ने अपने कार्यक्रमों की शुरूआत देवी के जयकारा के साथ किया। उन्होंने न्यौली काटन्या काटन्या ठंडो पाणि..., घास काटूंल इजू..., रंगीली बिंदी घाघर काई धोती किनार वाई...हाल क्या है दिलो सनम...,गोविंद पंवार ने ओ भीना कसिके जानूं द्वारहाटा...डीडीहाटकि विमला छोरी...समेत कई अन्य मन भावन गीतों का गायन किया। मंच पर महिलाओं ने होली के गीतों का गायन किया। उन्होंने आयो नवल बंसत ऋतुराज कहायो..., आ हो रघुनंदन..., समेत अनेक मन मोहक होली के गीतों का गायन किया। इसमें गीता उपाध्याय, कमला जौहरी, चंद्रा उपाध्याय, मंजूूूू जोशी और ममता रावल आदि शामिल थे।
विज्ञापन
वहां एसडीएम श्याम सिंह राणा, नगर पालिकाध्यक्ष गीता रावल, ईओ ईश्वर सिंह रावत, भुवन कांडपाल और रघुवीर दफौटी आदि थे। बुधवार सुबह 11 से सायं पांच बजे तक स्थानीय कलाकारों और सूचना एवं संस्कृति विभाग के कलाकारों ने नी काओ हरियां जंगल... तीले धारो बोला..., आजकल हैरे ज्वाना मेरी नौलि परांण...समेत कई अन्य मनभावन गीत और नृत्य पेश किए।
विज्ञापन