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लूटपाट के दोषी को दो साल की सजा
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बागेश्वर। लूट के दोषी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजु सिंह मुंडे के न्यायालय ने दो साल के कारावास की सजा सुनाई है। युवक ने एक व्यक्ति से 1.07 लाख की लूट की थी, यह राशि उसकी निशानदेही पर पुलिस ने रिकवर कर ली थी।
19 अप्रैल 2021 के मामले के अनुसार गैंग मेट भगत सिंह अपने कार्य क्षेत्र दफौट जा रहा था। एक युवक ने कांडा टैैक्सी स्टैंड के पास उसे धक्का दिया और उसकी पीठ में लगा बैग छीन लिया, इसके बाद वह मौके से फरार हो गया।
पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि बालीघाट निवासी दीपक सिंह गढ़िया ने उसके साथ लूटपाट की है। 19 मई 2021 को पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 392 और 411 के तहत न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किए। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी करते हुए अधिवक्ता मोहन राम ने न्यायालय में पांच गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी पर दोष सिद्ध किया और सजा का एलान किया। आरोपी को धारा 392 के तहत दो साल का साधारण कारावास और 10 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई। धारा 411 के तहत भी आरोपी को दो साल का साधारण कारावास और 10 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने की दशा में आरोपी को एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा। अभियुक्त की दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। मामले में दोषी के जेल में बिताए दिनों को भी सजा में समायोजित किया जाएगा।
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19 अप्रैल 2021 के मामले के अनुसार गैंग मेट भगत सिंह अपने कार्य क्षेत्र दफौट जा रहा था। एक युवक ने कांडा टैैक्सी स्टैंड के पास उसे धक्का दिया और उसकी पीठ में लगा बैग छीन लिया, इसके बाद वह मौके से फरार हो गया।
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पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि बालीघाट निवासी दीपक सिंह गढ़िया ने उसके साथ लूटपाट की है। 19 मई 2021 को पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 392 और 411 के तहत न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किए। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी करते हुए अधिवक्ता मोहन राम ने न्यायालय में पांच गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी पर दोष सिद्ध किया और सजा का एलान किया। आरोपी को धारा 392 के तहत दो साल का साधारण कारावास और 10 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई। धारा 411 के तहत भी आरोपी को दो साल का साधारण कारावास और 10 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने की दशा में आरोपी को एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा। अभियुक्त की दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। मामले में दोषी के जेल में बिताए दिनों को भी सजा में समायोजित किया जाएगा।
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