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मल्खाडुंर्गचा गांव में दो मंजिला मकान जला
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Tue, 21 Mar 2017 11:12 PM IST
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मंगलवार को नदीगांव के एक पशुपालक के घर के बाहर सूखी घास के छह और पिरूल के दो ढेर जलकर खाक हो गए। उधर कपकोट ब्लाक के सुदूरवर्ती मल्खाडुंर्गचा गांव में एक दलित का चार कमरों का दो मंजिला जलकर राख हो गया। अग्नि कांड से पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये की क्षति होने का अनुमान बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को दिन में करीब दो बजे नगर के नदीगांव निवासी जगदीश रावल के घर के बाहर लगी सूखी घास के छह लूटों में अचानक आग लग गई। बच्चों में घास में आग सुुलगते देखी। पीड़ित ने इसकी सूचना तुरंत फायर स्टेशन को दी। फायर ब्रिगेड के जवान और आसपास के लोगों की कड़ी मशक्कत से आग पर सवा घंटे में काबू पाया जा सका है। आग की इस घटना में पीड़ित पशुपालक को करीब 50 हजार रुपये की क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित को मुआवजा देने की मांग की है।
दूसरी तरफ कपकोट ब्लाक के सुदूरवर्ती मल्खाडुंगर्चा गांव में 17 मार्च की रात उमेद राम के चार कमरे के दो मंजिला मकान में बिजली का शॉट सर्किट हो गया। उस समय पीड़ित का परिवार गहरी नींद में सोया हुआ था। आग की लपटें उठते ही उनकी नींद खुल गई और उन्होंने घर से भागकर जान बचाई। आग की इस घटना में पीड़ित परिवार के घरेलू सामान, कपड़े, बर्तन, राशन आदि जलकर खाक हो गया।
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रात में आसपास के लोग आग बुझाने के लिए आए लेकिन आग की लपटें तेज होने के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका। क्षेत्रीय पटवारी ने मौका मुआयना किया। पीड़ित ने कपकोट के एसडीएम को ज्ञापन देकर उसे शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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जानकारी के अनुसार मंगलवार को दिन में करीब दो बजे नगर के नदीगांव निवासी जगदीश रावल के घर के बाहर लगी सूखी घास के छह लूटों में अचानक आग लग गई। बच्चों में घास में आग सुुलगते देखी। पीड़ित ने इसकी सूचना तुरंत फायर स्टेशन को दी। फायर ब्रिगेड के जवान और आसपास के लोगों की कड़ी मशक्कत से आग पर सवा घंटे में काबू पाया जा सका है। आग की इस घटना में पीड़ित पशुपालक को करीब 50 हजार रुपये की क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित को मुआवजा देने की मांग की है।
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दूसरी तरफ कपकोट ब्लाक के सुदूरवर्ती मल्खाडुंगर्चा गांव में 17 मार्च की रात उमेद राम के चार कमरे के दो मंजिला मकान में बिजली का शॉट सर्किट हो गया। उस समय पीड़ित का परिवार गहरी नींद में सोया हुआ था। आग की लपटें उठते ही उनकी नींद खुल गई और उन्होंने घर से भागकर जान बचाई। आग की इस घटना में पीड़ित परिवार के घरेलू सामान, कपड़े, बर्तन, राशन आदि जलकर खाक हो गया।
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रात में आसपास के लोग आग बुझाने के लिए आए लेकिन आग की लपटें तेज होने के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका। क्षेत्रीय पटवारी ने मौका मुआयना किया। पीड़ित ने कपकोट के एसडीएम को ज्ञापन देकर उसे शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की है।