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सब्जी उत्पादन और पशुपालन अपनाने का आह्वान
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Sat, 30 Jul 2016 12:10 AM IST
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केवीके में किसानों की ट्रेनिंग
- फोटो : अमर उजाला
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बागेश्वर। एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना के प्रभागीय प्रबंधन इकाई बागेश्वर की ओर से कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण और कृषि शैक्षिक भ्रमण शिविर संपन्न हो गया है। वैज्ञानिकों ने किसानों को बेमौसमी सब्जी और दुग्ध उत्पादन की बारीकियां समझाईं। केंद्र के प्रबंधक नवल किशोर सिंह ने किसानों को दुधारू पशुओं और वर्षाकाल में होने वाली बीमारियों और उनके उपचार के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सब्जी उत्पादन और पशुपालन से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
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कृषि विज्ञान केंद्र सभागार में एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना के प्रभागीय परियोजना प्रबंधक धर्मेंद्र पांडे ने व्यावसायिक गतिविधियों के बारे में बताया। कहा कि वैज्ञानिक आधार पर खेती और सब्जी उत्पादन से आमदनी बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने वैज्ञानिकों के सहयोग के प्रति आभार जताया। पादप रोग विशेषज्ञ हरीश जोशी ने किसानों को पॉलीहाउस में उगाई जाने वाली सब्जियों में लगने वाले कीट, बीमारियों में जैसे कि टमाटर के लगने वाले फलवेधक कीट, अगेती झुलसा, पछेती झुलसा, आदि के प्रबंधन, मशरूम उत्पादन, कुरमुला, कीट नियंत्रण वर्मी कंपोस्ट आदि के बारे में बताया।
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प्रक्षेत्र प्रबंधक मेदनी प्रताप सिंह ने बेमौसमी सब्जी की वैज्ञानिक खेती, बीजोत्पादन के बारे में बताया। किसानों को विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा द्वारा फसलों की उन्नत प्रजातियों के बारे में बताया। कार्यक्रम सहायक निधि साह ने टमाटर सॉस, प्यूरी, चटनी, आचार, सोयाबीन का दूध, बिस्कुट बनाने की विधि बताई।
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किसानों ने संग्रहालय, फसल प्रदर्शनी, लघु डेयरी, वर्मी कंपोस्ट, मशरूम इकाई का भ्रमण कर आवश्यक जानकारी हासिल की। वहां एकीकृत आजीविका परियोजना के सहायक प्रबंधक प्रकाश पाठक, वीरेंद्र गुसाईं, विशन लुम्याल, तकनीकी संस्था भुवनेश्वरी महिला आश्रम के रमेश आर्या, सुनीता बिष्ट, अमित कुमार समेत गरुड़ ब्लॉक के कई किसान मौजूद थे।