{"_id":"57c08a794f1c1b0d4bd4ff46","slug":"traditional-songs","type":"story","status":"publish","title_hn":"... न्यूति लै बुलायौ त्रिशूली नंदा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
... न्यूति लै बुलायौ त्रिशूली नंदा
ब्यूरो, अमर उजाला गरुड़ (बागेश्वर)।
Updated Fri, 26 Aug 2016 11:59 PM IST
विज्ञापन
पारंपरिक गीत गाए
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गरुड़ (बागेश्वर)। ऐतिहासिक और धार्मिक देवनाई घाटी में आठूं देखने दूरदराज से भारी संख्या में लोग मां नंदा के भक्त पहुंचे। ननौल गायन में देवी अवतरित हुई। देवी अवतरित होते ही देवनाई घाटी में जयकारों से गूंज उठी। समूची देवनाई घाटी आठूं में नंदामय हो गई। ऐतिहासिक देवनाई घाटी में छह साल बाद देवी के आठूं हो रहे हैं। अगले छह साल बाद आठूं गायन पर 12 साल में नंदा राजजात निकलती है।
विज्ञापन
आठूं की पहली रात मां नंदा की खली में महिलाओं और पुरुषों ने ननौल गायन किया। रात के ठीक 12 बजे देवी और अन्य डांगर अवतरित हुए। उनमें देवी अवतरित होते ही देवनाई घाटी नंदा के जयकारों से गूंज उठी।
विज्ञापन
आठूं में शांति व्यवस्था बनाने में भगरतोला, देवनाई, कोलतुलारी के युवा संगठन और मां भगवती संगठन के लोग सहयोग दे रहे है। आठूं के डांगर केदार सिंह ने बताया मंदिर में रोजाना सुबह, शाम पूजा, अर्चना हो रही है।
विज्ञापन
गरुड़ (बागेश्वर)। देवनाई आठूं आयोजन समिति के प्रमुख एवं जिला पंचायत सदस्य शिव सिंह बिष्ट ने बताया कि आठूं देखने आज सांसद अजय टम्टा, विधायक चंदन दास शनिवार की शाम देवनाई पहुंचेंगे।