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काफलीकमेड़ा को जोड़ने वाली दो पुलिया बहीं

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jun 2021 10:13 PM IST
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There were two culverts connecting Kaflikameda
बागेश्वर/कपकोट। कपकोट के काफलीकमेड़ा में शनिवार को हुए भूस्खलन में सड़क निर्माण का काम कर रहे ठेकेदार की पिकअप भी खाई में जा गिरी। मलबे से दो मकानों को भी क्षति पहुंची है। तमाम लोगों के खेत मलबे से पट गए हैं। गांव को जोड़ने वाली दो पुलिया बह गईं। गांव के लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण का मलबा गांव में आने से खतरा और बढ़ गया है।
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आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार काफलीकमेड़ा में धाम सिंह पुत्र शेर सिंह के मकान को मलबे से क्षति पहुंची है। चामू सिंह पुत्र धाम सिंह के मकान में मलबा पट गया है। धाम सिंह को शासन से सहायता राशि का तत्काल भुगतान किया जाएगा। राजस्व निरीक्षक दीप लाल वर्मा ने शनिवार को गांव का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर तहसील में सौंप दी है।
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काफलीकमेड़ा की प्रधान मुन्नी देवी, पेठी के प्रधान तारा सिंह देवली ने बताया कि शनिवार तड़के जोरदार आवाज के साथ टोपिला तोक में सड़क के ऊपर की पहाड़ी दरक गई और मलबा गांव तक आ पहुंचा। गांव की पहाड़ी में भी दरार पड़ गई है। मलबा आने से दो मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। गंगा सिंह पुत्र सुंदर के आंगन में मलबा पट गया है। खड़क सिंह पुत्र महेंद्र सिंह, तारा सिंह पुत्र सुंदर सिंह, नंदन सिंह पुत्र महेंद्र सिंह, साधो सिंह पुत्र गुलाब सिंह, पुष्कर सिंह पुत्र कुशल सिंह, दरवान सिंह पुत्र कुशल सिंह समेत कई लोगों के खेतों में भी मलबा भर गया है। ग्राम प्रधानों ने आरोप लगाया कि सड़क कटान के मलबे को डंपिंग जोन में न डालकर पहाड़ी से नीचे लुड़काया जा रहा है। बारिश के दौरान मलबा गांव तक पहुंच रहा है। (संवाद)
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एक सप्ताह पहले ही काफलीकमेड़ा सड़क का जायजा लिया था। मलबा डंपिंग जोन में ही डाला जा रहा था। शनिवार को पहाड़ी से अधिक मलबा आया। वह गांव तक पहुंचा है। फिर से सड़क का जायजा लिया जाएगा। डंपिंग जोन से इतर मलबा डाला गया होगा तो आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - अनिल कुमार, ईई पीएमजीएसवाई कपकोट
कपकोट-पिंडारी सड़क दरकी
बागेश्वर। कपकोट-पिंडारी सड़क को शनिवार को हुई बारिश से काफी नुकसान पहुंचा है। कपकोट से 10 किमी आगे सड़क एक स्थान पर बुरी तरह से दरक गई है। सड़क की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। आवाजाही ठप होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने पिंडारी सड़क में तत्काल यातायात बहाल करने की मांग की है।
भूस्खलन से ढहे पोल, एक दर्जन से अधिक गांवों की बिजली गुल
बागेश्वर। कपकोट में भारी बारिश के चलते बिजली की लाइन को क्षति पहुंची है। पोल गिरने से दुलग गांव से गुजर रही लाइन के क्षतिग्रस्त होने से एक दर्जन से अधिक गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। वहीं जिला मुख्यालय के समीप झटक्वाली में ट्रांसफार्मर खराब होने से चार दिन से बिजली नहीं है। रविवार को यूपीसीएल कर्मी ट्रांसफार्मर की खराबी दूर करने आए लेकिन खराबी दूर नहीं हो पाई।
शुक्रवार और शनिवार को कपकोट क्षेत्र में भारी बारिश के बाद कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई। दुलम गांव के पास भूस्खलन की जद में आने से बिजली का पोल ढह गया और तार क्षतिग्रस्त हो गए। तार टूटने के कारण क्षेत्र के दुलम, बांसे, कफलानी, भैंसखाली, सौंग, मुनार, सूपी, गांसी, काफली-कमेड़ा, पेठी, लाहुर, लोहारखेत, चौड़ास्थल, चौड़ा, सुमगढ़, सलिंग, उडियार आदि गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। इधर, मजबे गांव में लापिंग नहीं होने के कारण बिजली के तार पेड़ों से उलझ गए और और शॉर्ट सर्किट हो रहा है। इस कारण गांव की बिजली गुल है। ग्रामीणों ने जल्द आपूर्ति सुचारु करवाने की मांग की है। इधर ऊर्जा निगम के ईई भाष्कर पांडेय ने बताया कि कपकोट में क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत का काम चल रहा है। अन्य स्थानों में भी जल्द बिजली आपूर्ति सुचारु करवाने का प्रयास किया जा रहा है।

बिजली गिरने से 33 बकरियां मरीं
बागेश्वर। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीते नौ जून की शाम बोरबलड़ा के जाबर बुग्याल में बिजली गिरने से 11 लोगों की 33 बकरियां मर गईं। तहसीलदार कपकोट पूजा शर्मा के निर्देश पर 10 जून को पशुपालन विभाग की टीम बुग्याल गई। 12 जून को लौटी टीम के अनुसार बोरबलजड़ा के उमराव सिंह की 11, खीम सिंह की चार, दयाल सिंह दो, कनक सिंह, भूपाल सिंह, खीम सिंह, राम सिंह की एक-एक, कुंवारी के विनोद सिंह की आठ, बलवंत राम की दो, पोखर सिंह, खीम सिंह की एक-एक बकरी मारी गई है। प्रभावित बकरी पालकों ने सरकार और प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की है।
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