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जिन कामों का सीएम ने किया लोकार्पण, वे हुए ही नहीं

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jan 2021 11:27 PM IST
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The works that CM inaugurated did not happen
कपकोट के भयूं-गडेरा में चार दिन पूर्व लगाया गया 7 मार्च 2019 का लोकार्पण पट। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
कपकोट/बागेश्वर। कपकोट के भयूं-गडेरा खस्ताहाल सड़क के सुधारीकरण और डामरीकरण के लोकार्पण का दो साल पुराना शिलापट देख स्थानीय निवासियों का पारा चढ़ गया। इसकी भनक लगते ही आनन-फानन विभाग ने शिलापट उखाड़ दिया। इस बारे में लोनिवि अधिकारियों का कहना है कि शिलापट गलती से लग गया था, इसलिए हटा दिया गया है। पर अधिकारियों का जवाब दाल में कुछ काला होने की ओर इशारा कर रहा है। सवाल यही है कि दो वर्ष पहले के लोकार्पण का शिलापट अब लगाने की जरूरत क्यों पड़ीं।
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चार दिन पहले लोनिवि की ओर से भयूं-गडेरा सड़क पर एक शिलापट लगाया गया। इसमें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से 1.67 करोड़ की लागत से सड़क के सात किलोमीटर में सुधारीकरण और डामरीकरण का लोकार्पण करने का जिक्र था। शिलापट पर सात मार्च 2019 की तिथि अंकित थी। ग्राम प्रधान के साथ स्थानीय लोगों का कहना है कि भयूं-गडेरा सड़क बेहद बदहाल है। उस सड़क पर सुधारीकरण और डामरीकरण का कार्य हुआ ही नहीं है। शिलापट को लेकर जब सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठाने लगे तो शनिवार को लोनिवि कपकोट डिविजन के अधिकारियों ने शिलापट उखाड़ दिया। अधिकारी गलती से बोर्ड में भयूं-गुलेर सड़क की जगह गडेरा होना बता रहे हैं। सवाल यही है कि दो वर्ष बीतने के बाद सड़क के लोकार्पण का बोर्ड क्यों लगाया, क्या कहीं यह खेल सरकारी धन के दुरुपयोग का तो नहीं है। यह सवाल लोगों के मन में उठ रहे हैं, पूरे प्रकरण की जांच की मांग उठने लगी है।
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भयूं-गडेरा सड़क बेहद बदहाल है। 17 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर सात किलोमीटर में डामर है, जबकि 10 किलोमीटर कच्ची है। शिलापट जिस स्थान पर लगाया गया है और सुधारीकरण और डामरीकरण की बात लिखी थी, उस स्थान पर सड़क कच्ची और दलदली है। इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। देखा जाना चाहिए कि क्या इस सड़क के नाम पर सरकारी धन खपाया तो नहीं गया है? - सीता गढ़िया प्रधान गडेरा
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भयूं-गडेरा सड़क की दशा बेहद खराब है। इस सड़क पर सुधारीकरण, डामरीकरण का कोई कार्य नहीं हुआ है। दो वर्ष बाद शिलापट लगाना गड़बड़ी का प्रमाण है। शिलापट लगाने के बाद हटाना भी अनियमितता की ओर इशारा कर रहा है। प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच नहीं हुई तो जनता को साथ लेकर आंदोलन छेड़ा जाएगा। - ललित फर्स्वाण पूर्व विधायक कपकोट

शिलापट भयूं-गडेरा सड़क का था। शिलापट में गलती से गुलेर के स्थान पर गडेरा लिखा गया था। गलती पता चलने पर शिलापट हटा दिया गया है। शिलापट में सुधार कर गडेरा सड़क पर लगाया जाएगा। इसमें गड़बड़ी जैसी कोई बात नहीं है। - संजय कुमार पांडेय ईई लोनिवि कपकोट

हो हल्ला मचने के बाद कपकोट के भयूं-गडेरा सड़क पर उखाड़ा गया शिलापट। संवाद न्यूज एजेंसी

हो हल्ला मचने के बाद कपकोट के भयूं-गडेरा सड़क पर उखाड़ा गया शिलापट। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR

कपकोट के भयूं-गडेरा सड़क की ऐसी है हालत। संवाद न्यूज एजेंसी

कपकोट के भयूं-गडेरा सड़क की ऐसी है हालत। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR

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