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शिक्षक न होने से बच्चों की पढ़ाई चौपट
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ बागेश्वर।
Updated Thu, 23 Jul 2015 01:04 AM IST
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राइंका स्यांकोट, जूहा चुचेर और तोली ग्राम पंचायत में स्थापित विद्यालयों में शिक्षकों का भारी टोटा हो गया है। शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई चौपट है।
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ग्रामीणों ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देकर शिक्षकों की शीघ्र तैनाती न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
राइंका स्यांकोट अध्यापक अभिभावक संघ ने सीईओ को सौंपे ज्ञापन में कहा कि विद्यालय में गत तीन साल से विज्ञान और कला वर्ग में प्रवक्ता के पद खाली हैं।
शिक्षकों की तैनाती नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई चौपट हो गई है। इस मांग को लेकर अब तक कई बार मांग की है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।
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उन्होंने चेेतावनी दी कि यदि शिक्षकों की तैनाती शीघ्र नहीं हुई तो एक अगस्त से आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा। ज्ञापन देने वालों अभिभावक संघ के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य बहादुर राम, प्रधान चंपा देवी, मनोज कुमार, उदय सिंह, राधा देवी, बीडीसी सदस्य पुष्पा देवी और गंगा देवी समेत कई ग्रामीण शामिल हैं।
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इधर प्राइमरी पाठशाला तोली, जूहा और हाईस्कूल में शिक्षकों की भारी कमी हो गई है। हाईस्कूल के बच्चे दूसरे विद्यालयों में जाना चाहते हैं, लेकिन वहां टीसी काटने के लिए एक अदद शिक्षक भी नहीं है।
शिक्षक नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई चौपट है। ग्रामीणों ने शासन और शिक्षा विभाग को शिक्षकों की शीघ्र तैनाती न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
चेेतावनी देने वालों में बीडीसी सदस्य प्रकाश जोशी, ग्राम प्रधान विमला देवी, शेर सिंह, कैलाश जोशी, हुक्म राम और आनंद राम आदि हैं।
उधर जूहा चुचेर के 16 बच्चों को पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं है। बच्चों को पढ़ाने के लिए दूसरे क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय से शिक्षक को व्यवस्था के तहत भेजा है, लेकिन वह भी यहां कभी कभार ही आ रहे हैं।
बच्चों को अभी तक न तो पाठ्य पुस्तकें मिली हैं और न ही उन्हें ड्रेस दी गई हैं, जबकि एमडीएम भी प्रभावित हो गया है।
ग्राम प्रधान पुष्पा देवी, विद्यालय प्रबंधन समिति के कमला देवी, लछीमा देवी, नंदन कोरंगा और भवान सिंह आदि ने शिक्षकों की शीघ्र तैनाती की मांग की है।
मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इधर सीईओ बीएन सिंह ने बताया कि रिक्त पदों की सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।