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द्यांगण के 23 ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमा प्रदेश सरकार ने लिया वापस
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बागेश्वर। द्यांगण गांव के 23 ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमा प्रदेश सरकार ने वापस ले लिया है। मुख्य सचिव गृह की ओर से से जिलाधिकारी को इस आशय का पत्र जारी कर ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमे को तत्काल वापस लेने के निर्देश दिए हैं। ढाई वर्ष बाद केस खारिज होने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
नवंबर 2018 में जिला मुख्यालय में तेंदुए का आतंक व्याप्त था। तेंदुए के कारण द्यांगण गांव के एक किशोर की जान चली गई थी। तेंदुआ खेलते हुए बच्चों के झुंड पर झपटने की कोशिश कर रहा था। इस बीच बच्चे जान बचाकर भागने लगे। इस दौरान हेमंत टंगड़िया नामक किशोर गधेरे में 50 मीटर नीचे गिर गया। इस कारण उसकी मौत हो गई थी।
घटना के कुछ दिन पूर्व भी तेेंदुए ने गांव के एक पांच वर्ष के मासूम की जान ले ली थी। आक्रामक हो रहे तेंदुए को नरभक्षी घोषित कर मारने और प्रभावित परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किशोर का शव लेकर बागेश्वर-बैजनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक चंदन राम दास और तत्कालीन एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी का घेराव किया। उन्होंने तेंदुए को मारने की बाद ही शव उठाने की बात कही थी। हालांकि बाद में विधायक ने तेंदुए को नरभक्षी घोषित किए जाने और उसे मारने के लिए शिकारी के जल्द गांव पहुंचने की बात कही। इधर, प्रशासन ने धरना दे रहे ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज कर दिया। इसमें गांव के 23 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज थी। केस दर्ज होने के बाद से ग्रामीण लगातार विधायक पर केस खारिज करवाने का दबाव बना रहे थे।
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इधर, विधायक चंदन राम दास ने बताया कि प्रदेश सरकार ने द्यांगण के ग्रामीणों पर दर्ज केस वापस ले लिया है। अपर सचिव अतर सिंह ने डीएम के नाम मुकदमे वापस लेने के लिए पत्र जारी कर दिया है। मुकदमे वापस लेने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
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नवंबर 2018 में जिला मुख्यालय में तेंदुए का आतंक व्याप्त था। तेंदुए के कारण द्यांगण गांव के एक किशोर की जान चली गई थी। तेंदुआ खेलते हुए बच्चों के झुंड पर झपटने की कोशिश कर रहा था। इस बीच बच्चे जान बचाकर भागने लगे। इस दौरान हेमंत टंगड़िया नामक किशोर गधेरे में 50 मीटर नीचे गिर गया। इस कारण उसकी मौत हो गई थी।
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घटना के कुछ दिन पूर्व भी तेेंदुए ने गांव के एक पांच वर्ष के मासूम की जान ले ली थी। आक्रामक हो रहे तेंदुए को नरभक्षी घोषित कर मारने और प्रभावित परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किशोर का शव लेकर बागेश्वर-बैजनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक चंदन राम दास और तत्कालीन एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी का घेराव किया। उन्होंने तेंदुए को मारने की बाद ही शव उठाने की बात कही थी। हालांकि बाद में विधायक ने तेंदुए को नरभक्षी घोषित किए जाने और उसे मारने के लिए शिकारी के जल्द गांव पहुंचने की बात कही। इधर, प्रशासन ने धरना दे रहे ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज कर दिया। इसमें गांव के 23 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज थी। केस दर्ज होने के बाद से ग्रामीण लगातार विधायक पर केस खारिज करवाने का दबाव बना रहे थे।
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इधर, विधायक चंदन राम दास ने बताया कि प्रदेश सरकार ने द्यांगण के ग्रामीणों पर दर्ज केस वापस ले लिया है। अपर सचिव अतर सिंह ने डीएम के नाम मुकदमे वापस लेने के लिए पत्र जारी कर दिया है। मुकदमे वापस लेने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।