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कमरे की छत गिरी, मां-बाप ने दोनों सीने से चिपका बचाई बच्चों की जान

Mon, 04 Feb 2019 11:32 PM IST
दीपक नेगी ब्यूरो/अमर उजाला/बागेश्वर
ब्यूरो/अमर उजाला/बागेश्वर Published by: दीपक नेगी Updated Mon, 04 Feb 2019 11:32 PM IST
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The roof of the room collapsed
गरुड़ के बिमोला गांव में ध्वस्त मकान। - फोटो : अमर उजाला

बिमोला गांव में मां-बाप और दो बच्चों का एक परिवार करीब पंद्रह मिनट तक मलबे में दबा रहा। दो बच्चों में एक तो मात्र 16 दिन का ही है। परंपरागत तरीके से बने मकान के एक कमरे में यह परिवार सोया हुआ था। सोमवार सुबह करीब 5.30 बजे कमरे की छत को सहारा देने वाली बल्ली खिसकी और छत भरभराकर गिर पड़ी।

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 मां बाप ने बच्चों को सीने से चिपका लिया और सारा मलबा अपने ऊपर गिर जाने दिया। बाद में घायल पिता मनोज का कहना था कि उन्हें बताया गया कि 15 मिनट में बाहर निकाल लिया गया लेकिन उनके लिए यह सदी के जितना लंबा इंतजार था। दोनों मासूमों को खरोंच तक नहीं आई है और दंपति का सीएचसी बैजनाथ में इलाज किया जा रहा है।
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राजस्व पुलिस क्षेत्र दर्शानी के बिमोला गांव निवासी मनोज कुमार, पत्नी माया देवी, बेटी दीपांशी और सोलह दिन के हर्षित को सोमवार को जैसे नया जीवन मिला। सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे ये चारों कमरे के मलबे के नीचे दब गए थे। शोर सुनकर बगल के कमरे में सोये मनोज के रिश्तेदार राजवीर और सास नंदी देवी ने 15 मिनट की मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला। घायल मनोज और उसकी पत्नी ने बच्चों को सीने पर लगाया हुआ था। छोटा बेटा 16 दिन का है और बेटी तीन साल की है। 
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घटना की सूचना मिलते ही कनिष्क प्रमुख प्रकाश कोहली, बिमोला के प्रधान हरी राम, पटवारी  प्रकाश सिंह और भुवन वर्मा दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीण सभी को मोहन सिंह मेहता सीएचसी बैजनाथ लाए, जहां दंपति का उपचार किया गया। 

डाक्टरों के अनुसार मासूमों को किसी प्रकार की चोट नहीं लगी है। क्षेत्रीय पटवारी ने बताया ने बताया कि दो कमरों के इस मकान में एक कमरा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। डीएम रंजना राजगुरु को भी घटना की जानकारी दी गई। एसडीएम गरुड़ जयवर्धन शर्मा, तहसीलदार  मैन पाल सिंह दस बजे बाद घटना स्थल पहुंचे। एसडीएम ने घटना स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।


 आपदा के मानकों में नहीं आता
गरुड़ (बागेश्वर)। पटवारी के मुताबिक यह हादसा दैवीय आपदा के मानकों में नहीं आता। ऐसे मेें मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे मनोज के सामने अब क्षतिग्रस्त घर की मरम्मत के लिए पैसे जुटाने का सवाल उठ खड़ा हुआ है। इस परिवार की निगाह अब मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद मिलने पर है। कनिष्ठ प्रमुख प्रकाश कोहली, बिमोला के प्रधान हरी राम ने प्रभावित परिवार को तत्काल सीएम राहत कोष से आर्थिक सहायता देने की मांग की है। 

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