{"_id":"57cd5bd24f1c1ba830317fa6","slug":"the-lack-of-compensation-for-land-in-rural-fury","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूमि का मुआवजा न मिलने से ग्रामीणों में रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूमि का मुआवजा न मिलने से ग्रामीणों में रोष
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
Updated Mon, 05 Sep 2016 11:02 PM IST
विज्ञापन
एडीएम से मिलते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौलकांडे-लेटी मोटर मार्ग में कटी भूमि का मुआवजा नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से भूमि का मुआवजा सहित क्षेत्र की पेयजल योजना का सुधार करने की मांग की है। अपर जिलाधिकारी एसएस जंगपांगी को सौंपे ज्ञापन में जौलकांडे क्षेत्र के लोगों ने कहा है कि जौलकांडे से लेटी के लिए सड़क निर्माण को लंबा समय बीत गया है लेकिन अभी तक किसानों को भूमि का मुआवजा नहीं दिया है।
विज्ञापन
पूर्व में मांग उठाने पर राजस्व टीम को तीन-चार बार गांव में भेजा गया। कई ग्रामीणों के खेत नंबर तक नहीं मिल पा रहे हैं। ग्रामीणों ने शीघ्र इस समस्या का समाधान करने की मांग उठाई। इसके अलावा गांव की पेयजल समस्या से भी अपर जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। ग्रामीणों ने कहा कि 28 वर्ष पूर्व बनी पेयजल योजना के एक सौ से अधिक पाईप सड़क निर्माण में दब जाने से योजना अनुपयोगी हो गई है।
विज्ञापन
योजना के सुधार के लिए पीडब्लूडी को गांव समिति की ओर से प्रस्ताव दिया गया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने कहा कि यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो पूरे क्षेत्र के लोग आंदोलन छेड़ने को बाध्य होना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में नंदा बल्लभ, हरीश चंद्र, लीलाधर, हीराराम आदि ग्रामीण शामिल थे।
विज्ञापन