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Bageshwar News: एक साल से पुलिया क्षतिग्रस्त, जान जोखिम में डाल कर आवाजाही कर रहे ग्रामीण

Wed, 08 Jul 2026 12:28 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Wed, 08 Jul 2026 12:28 AM IST
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The culvert has been damaged for a year, villagers are risking their lives to travel.
गरुड़ (बागेश्वर)। क्षेत्र के कटारमल ग्राम पंचायत में शासन-प्रशासन की उपेक्षा के चलते ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। पाटली-कूड़खेत को जोड़ने वाली एकमात्र पैदल पुलिया पिछले करीब एक वर्ष से क्षतिग्रस्त पड़ी है जिसके पुनर्निर्माण के लिए कोई सुध नहीं ली जा रही है। अधिकारियों की इस बेरुखी से नाराज कूड़खेत, बजवाड़, रतोलिया, पाटली और कत्यूरी सिमार समेत कई गांवों के लोगों ने कहा कि अगर जल्द पुलिया का निर्माण नहीं किया गया तो वह आगामी विधानसभा चुनाव का पूरी तरह बहिष्कार करेंगे।
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अगस्त 2025 में इलाके में हुई अतिवृष्टि के दौरान यह पुलिया बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से लेकर आज तक इसका पुनर्निर्माण नहीं हो सका है। वर्तमान में वैकल्पिक रास्ता न होने के कारण प्रतिदिन लगभग 200 से 250 ग्रामीण, स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग इसी खतरनाक पुलिया के सहारे आवाजाही करने को विवश हैं। ग्राम प्रधान कटारमल देवेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिया निर्माण के लिए शासन-प्रशासन को कई बार पत्र भेजे गए लेकिन सिर्फ आश्वासन ही हाथ लगा। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी दिन बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।
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पुलिया पिछले एक वर्ष से पूरी तरह क्षतिग्रस्त है और हम लोग रोज जान जोखिम में डालकर आवागमन करने के लिए मजबूर हैं। कई बार मांग उठाने के बावजूद शासन-प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब अगर तुरंत पुलिया का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्र के समस्त ग्रामीण एकजुट होकर आगामी विधानसभा चुनाव का पूरी तरह बहिष्कार करेंगे। -चंदन सिंह, ग्रामीण
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गरुड़ मुख्य बाजार और मुख्यालय आने-जाने के लिए हमारे पास यही एकमात्र मार्ग है। कोई दूसरा वैकल्पिक रास्ता न होने से रोज स्कूल जाने वाले बच्चे, असहाय बुजुर्ग और बीमार लोग भी इसी टूटी पुलिया से गुजरने को मजबूर हैं। प्रशासन शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। -आनंद सिंह बिष्ट


इस क्षतिग्रस्त पुलिया के कारण सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवतियों, मरीजों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। अब मानसून का समय है, ऐसे में बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर इस खतरनाक मार्ग से आवाजाही करना सीधे तौर पर मौत को दावत देने जैसा साबित हो रहा है। -प्रमोद भट्ट, ग्रामीण

कटारमल ग्राम पंचायत में क्षतिग्रस्त पैदल पुलिया के संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग से पूरी जानकारी ली जाएगी। ग्रामीणों की इस समस्या का समय पर उचित समाधान निकालने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। -वैभव कांडपाल, एसडीएम, गरुड़
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