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काश्तकारों ने जाना कीवी की पैदावार का तरीका
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बागेश्वर के कौसानी में कीवी उत्पादन को लेकर हुई कार्यशाला में मौजूद काश्तकार। संवाद न्यूज एजेंस
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। कौसानी के बुरांश होटल में प्रदेश स्तरीय काश्तकारों को कीवी उत्पादन का प्रशिक्षण देने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। नेशनल ब्यूरो ऑफ प्लांट जेनेटिक रिसोर्स सेंटर (एनबीपीजीआर) निगलाट के विशेषज्ञों ने प्रदेश भर से आए किसानों को कीवी की खेती के बारे में जानकारी दी। काश्तकारों को बेहतर आय अर्जित करने के लिए कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया।
दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की पहल पर एनबीपीजीआर और ग्रामोदय सहकारी समिति ने किया। कार्यशाला में टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, बागेश्वर, हरिद्वार के 50 काश्तकारों ने भागेदारी की। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए निगलाट से आए विशेषज्ञ डॉ. केएम राय ने कीवी फल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कीवी के विदेश से भारत आने और अब पहाड़ों में पैदावार होने के बारे में बताया। अनुज शर्मा ने कीवी फल के औषधीय गुणों की जानकारी दी। कहा कि डेंगू बीमारी में यह कारगर साबित होता है।
बाजार में बढ़ती मांग के चलते इसके विपणन में भी कोई परेशानी नहीं होती है। शामा से आए कीवी उत्पादक भवान सिंह कोरंगा ने काश्तकारों को कीवी पौधा लगाने से लेकर उसकी देखरेख, कटिंग, फल तैयार होने के बाद उसके विपणन, भंडारण आदि के बारे में जानकारी दी। काश्तकारों को कीवी के पौधे लगाने का डेमो भी दिया गया। इस मौके पर प्रशिक्षण दीवान सिंह कोरंगा भी मौजूद रहे।
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एक जिला एक उत्पाद में चयनित है कीवी
बागेश्वर। कार्यशाला का संचालन बुरांश के संचालक थ्रीश कपूर ने बताया कि कीवी को इस साल एक जिला एक उत्पाद में चयनित किया गया है। जिले में कीवी के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। बृहस्पतिवार को भी किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की पहल पर एनबीपीजीआर और ग्रामोदय सहकारी समिति ने किया। कार्यशाला में टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, बागेश्वर, हरिद्वार के 50 काश्तकारों ने भागेदारी की। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए निगलाट से आए विशेषज्ञ डॉ. केएम राय ने कीवी फल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कीवी के विदेश से भारत आने और अब पहाड़ों में पैदावार होने के बारे में बताया। अनुज शर्मा ने कीवी फल के औषधीय गुणों की जानकारी दी। कहा कि डेंगू बीमारी में यह कारगर साबित होता है।
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बाजार में बढ़ती मांग के चलते इसके विपणन में भी कोई परेशानी नहीं होती है। शामा से आए कीवी उत्पादक भवान सिंह कोरंगा ने काश्तकारों को कीवी पौधा लगाने से लेकर उसकी देखरेख, कटिंग, फल तैयार होने के बाद उसके विपणन, भंडारण आदि के बारे में जानकारी दी। काश्तकारों को कीवी के पौधे लगाने का डेमो भी दिया गया। इस मौके पर प्रशिक्षण दीवान सिंह कोरंगा भी मौजूद रहे।
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एक जिला एक उत्पाद में चयनित है कीवी
बागेश्वर। कार्यशाला का संचालन बुरांश के संचालक थ्रीश कपूर ने बताया कि कीवी को इस साल एक जिला एक उत्पाद में चयनित किया गया है। जिले में कीवी के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। बृहस्पतिवार को भी किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।