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अश्वपालकों को दी घोड़ों की बीमारी, बचाव की जानकारी
ब्यूरो, अमर उजाला बागेश्वर।
Updated Sat, 27 Aug 2016 12:04 AM IST
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घोड़े पालना सिखाया
- फोटो : अमर उजाला
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बागेश्वर। पर्वतीय अरण्य सेवा एवं विकास संस्थान की ओर से आयोजित दो दिवसीय अश्व कल्याण कार्यशाला शुक्रवार को शुरू हुई। कार्यशाला का उद्घाटन एडीएम एसएस जंगपांगी ने किया। अश्वपालकों को घोड़ों की बीमारी, लक्षण, बचाव की जानकारी दी गई। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि पर्वतीय के दुर्गम क्षेत्रों में अश्व ही आज भी माल ढुलाई का प्रमुख संसाधन हैं।
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इसलिए अश्व पालकों के लिए इनकी देखभाल, बीमारियों से बचाव की जानकारी होना जरूरी है। अश्व पालकों से लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदय शंकर ने घोड़ों में होने वाले लंगड़ेपन, श्वांस की बीमारी आदि से अवगत कराया।
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कार्यशाला में ब्रुक हॉस्पिटल फॉर एनीमल्स दिल्ली के प्रतिनिधियों ने भी प्रतिभाग किया। इस दौरान परियोजना निदेशक पीडी पांडेेय, विनीत सिंह, समिति के अध्यक्ष पंकज कुमार कांडपाल, नवीन जोशी, रमेश चंद्र भट्ट, ललित कार्की, डॉ. दीपक वर्मा, भागीरथी, उमेश चंद्रा, हरीश नाथ, तारा देवराड़ी, दर्वान सिंह, महिपाल सिंह आदि थे।
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