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वेतन कटौती के फरमान से आहत हैं स्वजल कर्मी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 28 Feb 2021 06:49 PM IST
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Swajal workers hurt by salary cut
Swajal workers hurt by salary cut
बागेश्वर। स्वजल कर्मचारियों के कोरोना काल के वेतन पर शासन ने कटौती का आदेश जारी कर दिया है। परियोजना के उपनल कर्मचारियों को भी नियत वेतनमान नहीं दिया जा रहा है। वेतन कटौती से कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है। उन्होंने सरकार पर कर्मचारियों का मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। सरकार से जल्द कर्मचारियों को नियत वेतन देने की मांग की।
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स्वजल परियोजना के पूरे प्रदेश में 186 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 66 कर्मचारी सलाहकार और 120 कर्मचारी उपनल से तैनात किए गए हैं। जिले में स्वजल के आठ कर्मचारी सेवा दे रहे हैं, जिसमें तीन सलाहकार और पांच उपनल से तैनात हैं। 25 साल से परियोजना में सेवा देने के बावजूद कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। हर वर्ष नया अनुबंध कर एक वर्ष के लिए सेवाकाल को बढ़ाया जाता है। पिछले वर्ष कोरोना महामारी के दौरान पूरे वर्ष कर्मचारियों ने कार्य किया, इसके बावजूद उन्हें वेतन के लाले पड़े हैं।
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परियोजना में सलाहकार के रूप में कार्यरत कर्मचारियों को मार्च से अक्तूबर तक आठ महीने का वेतन 50 प्रतिशत कटौती के साथ दिया गया, जबकि नवंबर और दिसंबर में उन्हें नियत वेतन मिला। इस वर्ष जनवरी और फरवरी का वेतन अब तक नहीं मिला है। उपनल कर्मचारियों को मार्च से दिसंबर तक पूर्व की तरह वेतन देने की बजाय उपनल से तय राशि के अनुसार वेतन दिया जा रहा है। जबकि कर्मचारी परियोजना के तहत पहले की तरह वेतन देने की मांग कर रहे हैं।
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भविष्य भी अधर में लटका
बागेश्वर। स्वजल परियोजना के कर्मचारियों का हर साल एक मार्च को नया अनुबंध किया जाता है, जो एक साल तक लागू रहता है। रविवार को कर्मचारियों का अनुबंध पूरा हो गया है लेकिन नए अनुबंध को लेकर कोई चर्चा नहीं है। नया अनुबंध का आदेश नहीं आने से कर्मचारियों के भविष्य पर भी बेरोजगारी की तलवार लटक गई है।
स्वजल परियोजना में सालों की सेवा के बाद सरकार इस तरह से मानसिक उत्पीड़न कर रही है। कोरोना काल में पूरी निष्ठा से सेवा देने के बाद भी वेतन नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारी मानसिक अवसाद में जीने को मजबूर हो गए हैं। - गिरिजा शंकर भट्ट, सलाहकार।
सालों से उपनल कर्मचारियों को परियोजना की ओर से नियत वेतन दिया जाता था, अब अचानक उनके वेतन में कटौती की जा रही है। कर्मचारी स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं। इतने कम वेतन में घर खर्च निकलना मुश्किल है। - संजय बिष्ट, उपनल कर्मी
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परियोजना की शुरूआत से जुड़े कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है। अब वेतन कटौती से परिवार के भरण पोषण में भी दिक्कत होने लगी है। सरकार को जल्द से जल्द कर्मचारियों का हित में निर्णय लेना चाहिए। - पूरन सिंह टंगड़िया, उपनल कर्मी

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स्वजल के उपनल कर्मचारियों को उपनल के प्रचलित दर के अनुसार वेतन देने का आदेश शासन से मिला है। उपनल के प्रचलित दर के अनुसार उनका वेतन भेज दिया गया है। सलाहकार की वेतन कटौती का मामला शासन में चल रहा है। - शिल्पी पंत, अपर परियोजना निदेशक।
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