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Bageshwar News: तिमिलाबगड़ में कीवी और नेक्टरीन का हुआ सफल उत्पादन
Sun, 17 May 2026 10:28 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 17 May 2026 10:28 PM IST
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बागेश्वर। किसानों की मेहनत और संजीवनी संस्था के मार्गदर्शन ने कपकोट के अपेक्षाकृत कम सर्द गांव तिमिलाबगड़ में नेक्टरीन के बाद अब कीवी का सफल उत्पादन हुआ है। दो साल पहले गांव में रोपे गए पौधों ने फल देना शुरू कर दिया है। मेहनत को सफल होने देखकर किसानों में खासा उत्साह है।
एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना के तहत तिमलाबगड़ गांव में 2023-24 में फलदार पौधों के बगीचे तैयार किए गए थे। इनमें ऊंचाई वाले स्थानों पर होने वाले कीवी, नेक्टरीन फल को विशेष रूप से शामिल किया गया था। संस्था के सलाहकार विनोद सिंह घुघुतियाल ने गांव की जलवायु पिंडर घाटी और बिचला दानपुर के सापेक्ष गर्म है। पहले किसान इन फलों की खेती करने में सकुचा रहे थे। संस्था से हरसंभव मदद मिलने पर उन्होंने बागवानी तैयार की। किसानों ने मिट्टी और जलवायु की गुणवत्ता की जांच करने के बाद कीवी, नेक्टरीन, आड़ूृ पुलम के पौधे लगाए थे। अब पौधों में पैदावार होनी शुरू हो रही है। किसानों को कीवी मैन भवान सिंह कोरंगा ने समय-समय पर पौधों की मॉनिटरिंग, रखरखाव, बीमारी से बचाने, सिंचाई की जानकारी दी। नाबार्ड के डीडीएम गिरीश पंत, परियोजना प्रबंधक संतोष जोशी, दीवान सिंह कपकोटी का भी मार्गदर्शन मिला।
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एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना के तहत तिमलाबगड़ गांव में 2023-24 में फलदार पौधों के बगीचे तैयार किए गए थे। इनमें ऊंचाई वाले स्थानों पर होने वाले कीवी, नेक्टरीन फल को विशेष रूप से शामिल किया गया था। संस्था के सलाहकार विनोद सिंह घुघुतियाल ने गांव की जलवायु पिंडर घाटी और बिचला दानपुर के सापेक्ष गर्म है। पहले किसान इन फलों की खेती करने में सकुचा रहे थे। संस्था से हरसंभव मदद मिलने पर उन्होंने बागवानी तैयार की। किसानों ने मिट्टी और जलवायु की गुणवत्ता की जांच करने के बाद कीवी, नेक्टरीन, आड़ूृ पुलम के पौधे लगाए थे। अब पौधों में पैदावार होनी शुरू हो रही है। किसानों को कीवी मैन भवान सिंह कोरंगा ने समय-समय पर पौधों की मॉनिटरिंग, रखरखाव, बीमारी से बचाने, सिंचाई की जानकारी दी। नाबार्ड के डीडीएम गिरीश पंत, परियोजना प्रबंधक संतोष जोशी, दीवान सिंह कपकोटी का भी मार्गदर्शन मिला।
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