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बागेश्वर डायट ने बनाई उत्तराखंड की पहली गणित मैन्युअल लैब्
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बागेश्वर डायट में बनी सूबे की पहली गणित मैन्युअल लैब। विज्ञप्ति
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। शिक्षा में जटिल माने जाने वाले गणित विषय को सरल और रोचक बनाने के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बागेश्वर ने अनूठी पहल की है। डायट ने अमूर्त माने जाने वाले गणित विषय को मूर्त रूप देने के लिए गणित मैन्युअल लैब का निर्माण किया है।
चार सत्रों के दौरान लैब में 400 गतिविधियों कराई जा चुकी हैं। लैब में बने बनाए उपकरणों के बजाय कराई गई प्रत्येक गतिविधि को हाथों से बनाया गया है। डायट के सेवा पूर्व विभाग ने इसके उत्तराखंड की पहली मैन्युअल गणित लैब होने का दावा किया है।
डायट में गणित प्रवक्ता भैरव दत्त पांडेय की देखरेेख में इस लैब का निर्माण किया गया है। लैब निर्माण की शुरुआत सत्र 2017-18 में हुई। डायट में होने वाली प्रत्येक गणित कार्यशाला में लैब के लिए नई गतिविधि का निर्माण किया गया। लैब को मैन्युअल बनाने का उद्देश्य गणित को करके सीखें से जोड़ना है। शिक्षकों ने अपने नवाचारी प्रयोग से गणित के अमूर्त रूप को मूर्त रूप देकर स्पष्ट करने का प्रयास किया है।
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लैब में आने वाले छात्र-छात्राओं को गुणनखंड, लघुत्तम समापवर्त्य, महत्तम समापवर्त्य, गोलाकार वस्तु का क्षेत्रफल, विभिन्न कोणों की व्याख्या सहित गणित के जटिल माने जाने वाले प्रारूपों को मूर्त रूप में समझाने के लिए स्वनिर्मित चित्र, उपकरणों का निर्माण किया गया है। इन्हें देखकर बच्चे आसानी से गणित के जटिल प्रारूप को समझ सकते हैं। गणित लैब में प्राथमिक, जूनियर, माध्यमिक सभी कक्षाओं की गतिविधियां को शामिल किया गया है।
व्हाट्एप ग्रुप के माध्यम से होता है विचारों का आदान-प्रदान
बागेश्वर। डायट ने नवाचारी क्रियाकलापों को सक्रियता प्रदान करने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। इसमें जिले के गणित में नवाचारी क्रियाकलाप करने वाले गणित शिक्षकों को जोड़ा गया है। कोविड काल में ग्रुप के माध्यम से विचारों का आदान-प्रदान कर लैब में नई गतिविधियां हुईं। ग्रुप में जुड़े शिक्षक गणित को सरल बनाने के लिए रोजाना नए-नए विचार रखते हैं।
सर्वश्रेष्ठ विचार पर मैन्युअल उपकरण, चित्र बनाकर गणित को मूर्त रूप देने के लिए कार्य शुरू कर दिया जाता है। डायट में गणित को सरल और रोचक बनाने के लिए कई विषय विशेषज्ञों की मदद ली जाती है। अजीम जी प्रेमजी फाउंडेशन की स्वाति सरकार इन दिनों हो रही कार्यशाला में भागीदारी कर रहीं हैं। गणित के सूत्र बनाने वाले हरिमोहन ऐठानी को भी कार्यशाला में आमंत्रित किया जाता है।
अबेकस संचालन में जिले को मिल चुका दूसरा स्थान
बागेश्वर। जिले में गणित विषय को रोचक बनाकर बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे नवाचारी क्रियाकलापों का भी सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। तेजी से जोड़, घटाना, गुणा, भाग के लिए प्रयुक्त होने वाले उपकरण अबेकस संचालन में दूरस्थ क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल शामा और पिंगलों के बच्चों ने प्रदेश में दूसरा स्थान पाया था। उनकी उपलब्धि जिले में गणित संबंधी छात्रों की रुचि दिखाती है।
गणित विषय को जटिल दिखाया जाता है, वास्तव में यह बेहद रोचक और सरल है। मैन्युअल गणित लैब का उद्देश्य गणित को रुचिकर बनाना है। लैब में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों के स्वनिर्मित चित्र और उपकरण उपयोगी साबित हो रहे हैं। गणित को मूर्त रूप देने की कोशिश शिक्षक और छात्र-छात्राएं दोनों के लिए मददगार साबित हो रही है।
- भैरव दत्त पांडेय, प्रवक्ता गणित/सेवा पूर्व विभाग, डायट, बागेश्वर।
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चार सत्रों के दौरान लैब में 400 गतिविधियों कराई जा चुकी हैं। लैब में बने बनाए उपकरणों के बजाय कराई गई प्रत्येक गतिविधि को हाथों से बनाया गया है। डायट के सेवा पूर्व विभाग ने इसके उत्तराखंड की पहली मैन्युअल गणित लैब होने का दावा किया है।
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डायट में गणित प्रवक्ता भैरव दत्त पांडेय की देखरेेख में इस लैब का निर्माण किया गया है। लैब निर्माण की शुरुआत सत्र 2017-18 में हुई। डायट में होने वाली प्रत्येक गणित कार्यशाला में लैब के लिए नई गतिविधि का निर्माण किया गया। लैब को मैन्युअल बनाने का उद्देश्य गणित को करके सीखें से जोड़ना है। शिक्षकों ने अपने नवाचारी प्रयोग से गणित के अमूर्त रूप को मूर्त रूप देकर स्पष्ट करने का प्रयास किया है।
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लैब में आने वाले छात्र-छात्राओं को गुणनखंड, लघुत्तम समापवर्त्य, महत्तम समापवर्त्य, गोलाकार वस्तु का क्षेत्रफल, विभिन्न कोणों की व्याख्या सहित गणित के जटिल माने जाने वाले प्रारूपों को मूर्त रूप में समझाने के लिए स्वनिर्मित चित्र, उपकरणों का निर्माण किया गया है। इन्हें देखकर बच्चे आसानी से गणित के जटिल प्रारूप को समझ सकते हैं। गणित लैब में प्राथमिक, जूनियर, माध्यमिक सभी कक्षाओं की गतिविधियां को शामिल किया गया है।
व्हाट्एप ग्रुप के माध्यम से होता है विचारों का आदान-प्रदान
बागेश्वर। डायट ने नवाचारी क्रियाकलापों को सक्रियता प्रदान करने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। इसमें जिले के गणित में नवाचारी क्रियाकलाप करने वाले गणित शिक्षकों को जोड़ा गया है। कोविड काल में ग्रुप के माध्यम से विचारों का आदान-प्रदान कर लैब में नई गतिविधियां हुईं। ग्रुप में जुड़े शिक्षक गणित को सरल बनाने के लिए रोजाना नए-नए विचार रखते हैं।
सर्वश्रेष्ठ विचार पर मैन्युअल उपकरण, चित्र बनाकर गणित को मूर्त रूप देने के लिए कार्य शुरू कर दिया जाता है। डायट में गणित को सरल और रोचक बनाने के लिए कई विषय विशेषज्ञों की मदद ली जाती है। अजीम जी प्रेमजी फाउंडेशन की स्वाति सरकार इन दिनों हो रही कार्यशाला में भागीदारी कर रहीं हैं। गणित के सूत्र बनाने वाले हरिमोहन ऐठानी को भी कार्यशाला में आमंत्रित किया जाता है।
अबेकस संचालन में जिले को मिल चुका दूसरा स्थान
बागेश्वर। जिले में गणित विषय को रोचक बनाकर बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे नवाचारी क्रियाकलापों का भी सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। तेजी से जोड़, घटाना, गुणा, भाग के लिए प्रयुक्त होने वाले उपकरण अबेकस संचालन में दूरस्थ क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल शामा और पिंगलों के बच्चों ने प्रदेश में दूसरा स्थान पाया था। उनकी उपलब्धि जिले में गणित संबंधी छात्रों की रुचि दिखाती है।
गणित विषय को जटिल दिखाया जाता है, वास्तव में यह बेहद रोचक और सरल है। मैन्युअल गणित लैब का उद्देश्य गणित को रुचिकर बनाना है। लैब में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों के स्वनिर्मित चित्र और उपकरण उपयोगी साबित हो रहे हैं। गणित को मूर्त रूप देने की कोशिश शिक्षक और छात्र-छात्राएं दोनों के लिए मददगार साबित हो रही है।
- भैरव दत्त पांडेय, प्रवक्ता गणित/सेवा पूर्व विभाग, डायट, बागेश्वर।