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सेवारत कर्मियों की तुलना में मासिक कटौती आधी करने की मांग उठाई
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बागेश्वर में एडीएम हेमंत कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपते पेंशनर। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
पदोन्नत प्रत्यावेदन देने वाले कार्मिकों को रिक्त पदों पर दें तैनाती
अल्मोड़ा। एजुकेशनल मिनिस्टीरियल आफिसर्स एसोसिएशन के मंडलीय सचिव धीरेंद्र कुमार पाठक ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में कहा कि कई प्रोन्नत कार्मिकों ने पदोन्नति आदेश संशोधन को प्रत्यावेदन दिए हैं। यदि कहीं पर पद खाली है तो ऐसे कार्मिकों के पदोन्नत स्थान संशोधन के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करें। ज्ञापन में कहा कि पिछले दो वर्षों से सरकार ने स्थानांतरण पर रोक लगाई है, जिससे दुर्गम से सुगम में तबादले नहीं हो पाए हैं। इसका खामियाजा पदोन्नत कार्मिकों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं एक मंडल से दूसरे मंडल के सीमांत जिलों में पदोन्नति की गई है, जो कि अव्यवहारिक है। उन्होंने विभाग में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, प्रधान, वरिष्ठ सहायक और कनिष्ठ सहायक के कार्य और दायित्वों का निर्धारण करने की मांग की है। एक अन्य ज्ञापन मंडलीय अपर निदेशक कुमाऊं को भेजकर जिलों में सुगम और दुर्गम कोटिकरण संशोधन की समस्या भी उठाई है।
सेवारत कर्मियों की तुलना में मासिक कटौती आधी करने की मांग उठाई
बागेश्वर। गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन ने राज्य सरकार से आयुष्मान भारत और अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत की जाने वाली मासिक कटौती सेवारत कर्मचारियों की तुलना में आधी करने की मांग उठाई है।
बृहस्पतिवार को ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष डॉ. प्रताप सिंह गढ़िया के नेतृत्व में पेंशनरों ने एडीएम हेमंत कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपकर कहा कि आयुष्मान भारत और अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत की जाने वाली मासिक कटौती सेवारत कर्मचारियों के समान किया जाना न्याय संगत नहीं है। कहा कि सेवारत कर्मचारियों के वेतन की तुलना में पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स को 30 प्रतिशत धनराशि मिलती है। उन्होंने मासिक कटौती में पुनर्विचार कर तर्कसंगत तरीके से सेवारत कर्मचारियों की तुलना में आधी करने की मांग उठाई है। कहा कि 20 अक्तूबर तक मासिक कटौती के आदेश में संशोधन के निर्देश नहीं मिलने पर आंदोलन के बाध्य होना पड़ेगा। वहां उपाध्यक्ष हयात सिंह मेहता, अर्जुन सिंह बनकोटी, थान सिंह कनवाल, नरेंद्र सिंह मेहता, शेर सिंह धपोला, त्रिलोक सिंह शाही, दया चंद्र टम्टा, नयन सिंह हरड़िया आदि थे।
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जिपं अध्यक्ष ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए पत्र भेजा
बागेश्वर। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के बैनर तले कर्मचारियों ने जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव को ज्ञापन सौंपा। जिपं अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की है।
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में जिला पंचायत अध्यक्ष देव ने कहा है कि पुरानी पेंशन योजना बंद करने से राज्य के कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नई पेंशन योजना बाजार पर आधारित है, जिसका परिणाम सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भुगतना पड़ेगा। कर्मचारियों का भविष्य आर्थिक रूप से असुरक्षित हो गया है। कहा है कि पुरानी पेंशन योजना बहाल होनी चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन के जिलाध्यक्ष नरेंद्र पालनी, प्रांतीय संरक्षक गोपाल मेहता, लक्ष्मण कोरंगा, मुकुल भाकुनी, प्रकाश टाकुली, प्रदीप गढ़िया, राजेंद्र पूना, गिरीश पंत आदि थे।
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अल्मोड़ा। एजुकेशनल मिनिस्टीरियल आफिसर्स एसोसिएशन के मंडलीय सचिव धीरेंद्र कुमार पाठक ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में कहा कि कई प्रोन्नत कार्मिकों ने पदोन्नति आदेश संशोधन को प्रत्यावेदन दिए हैं। यदि कहीं पर पद खाली है तो ऐसे कार्मिकों के पदोन्नत स्थान संशोधन के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करें। ज्ञापन में कहा कि पिछले दो वर्षों से सरकार ने स्थानांतरण पर रोक लगाई है, जिससे दुर्गम से सुगम में तबादले नहीं हो पाए हैं। इसका खामियाजा पदोन्नत कार्मिकों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं एक मंडल से दूसरे मंडल के सीमांत जिलों में पदोन्नति की गई है, जो कि अव्यवहारिक है। उन्होंने विभाग में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, प्रधान, वरिष्ठ सहायक और कनिष्ठ सहायक के कार्य और दायित्वों का निर्धारण करने की मांग की है। एक अन्य ज्ञापन मंडलीय अपर निदेशक कुमाऊं को भेजकर जिलों में सुगम और दुर्गम कोटिकरण संशोधन की समस्या भी उठाई है।
सेवारत कर्मियों की तुलना में मासिक कटौती आधी करने की मांग उठाई
बागेश्वर। गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन ने राज्य सरकार से आयुष्मान भारत और अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत की जाने वाली मासिक कटौती सेवारत कर्मचारियों की तुलना में आधी करने की मांग उठाई है।
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बृहस्पतिवार को ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष डॉ. प्रताप सिंह गढ़िया के नेतृत्व में पेंशनरों ने एडीएम हेमंत कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपकर कहा कि आयुष्मान भारत और अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत की जाने वाली मासिक कटौती सेवारत कर्मचारियों के समान किया जाना न्याय संगत नहीं है। कहा कि सेवारत कर्मचारियों के वेतन की तुलना में पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स को 30 प्रतिशत धनराशि मिलती है। उन्होंने मासिक कटौती में पुनर्विचार कर तर्कसंगत तरीके से सेवारत कर्मचारियों की तुलना में आधी करने की मांग उठाई है। कहा कि 20 अक्तूबर तक मासिक कटौती के आदेश में संशोधन के निर्देश नहीं मिलने पर आंदोलन के बाध्य होना पड़ेगा। वहां उपाध्यक्ष हयात सिंह मेहता, अर्जुन सिंह बनकोटी, थान सिंह कनवाल, नरेंद्र सिंह मेहता, शेर सिंह धपोला, त्रिलोक सिंह शाही, दया चंद्र टम्टा, नयन सिंह हरड़िया आदि थे।
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जिपं अध्यक्ष ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए पत्र भेजा
बागेश्वर। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के बैनर तले कर्मचारियों ने जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव को ज्ञापन सौंपा। जिपं अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की है।
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में जिला पंचायत अध्यक्ष देव ने कहा है कि पुरानी पेंशन योजना बंद करने से राज्य के कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नई पेंशन योजना बाजार पर आधारित है, जिसका परिणाम सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भुगतना पड़ेगा। कर्मचारियों का भविष्य आर्थिक रूप से असुरक्षित हो गया है। कहा है कि पुरानी पेंशन योजना बहाल होनी चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन के जिलाध्यक्ष नरेंद्र पालनी, प्रांतीय संरक्षक गोपाल मेहता, लक्ष्मण कोरंगा, मुकुल भाकुनी, प्रकाश टाकुली, प्रदीप गढ़िया, राजेंद्र पूना, गिरीश पंत आदि थे।

बागेश्वर में वीसी से जुड़े डीएम विनीत कुमार और अन्य अधिकारी। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR