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Bageshwar News: कोई तो मदद कर दो...मेरे बेटे की सूरत दिखा दो
Sun, 26 Oct 2025 10:53 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 26 Oct 2025 10:53 PM IST
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गरुड़ (बागेश्वर)। बेटा परदेश में नौकरी करके घर का खर्च चलाता था। पता नहीं अब कहां गया होगा। कोई मेरी मदद करो। मेरे बेटे की सूरत एक बार मुझे दिखा दो। यह दर्द है 70 साल की हीरा देवी का। उनकी आंख से लापता बेटे के लिए आंसू बह रहे है। विगत 16 अक्तूबर को साउथ अफ्रीका के मोजांबिक शहर में हुई नाव दुर्घटना के बाद से लापता है। उसकी पत्नी और बच्चों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
कौलाग निवासी नंदन सिंह (37) पुत्र स्व. हेम सिह मर्चेंट नेवी में 15 साल से कार्यरत हैं। मोजांबिक के बेइरा बंदरगाह में दुर्घटनाग्रस्त नाव में वह भी सवार था। घटना के बाद से उससे संपर्क नहीं हो सका है। घर में बूढ़ी माता, पत्नी गीता देवी, नौ साल का पुत्र रितिक और छह साल का भावेश के कान उनके शब्द सुनने के लिए तरस गए हैं। रह-रहकर परिजन उसके फोन नंबर पर संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। परिवार के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी नंदन पर है। परिजनों का कहना है कि उसकी कंपनी से संपर्क करने पर भी कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा है। कंपनी की ओर से उसके लापता होने और रेस्क्यू जारी होने की बात कही जा रही है। परिजनों की मायूस आंखें रोज गांव के रास्ते का ताकती रहती हैं। कोई जानकारी नहीं होने से अब उम्मीद मायूसी में बदलने लगी है। बूढ़ी मां और बिलखती पत्नी ने सरकार से मामले का संज्ञान लेकर नंदन का पता लगाने की गुहार लगाई है।
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कौलाग निवासी नंदन सिंह (37) पुत्र स्व. हेम सिह मर्चेंट नेवी में 15 साल से कार्यरत हैं। मोजांबिक के बेइरा बंदरगाह में दुर्घटनाग्रस्त नाव में वह भी सवार था। घटना के बाद से उससे संपर्क नहीं हो सका है। घर में बूढ़ी माता, पत्नी गीता देवी, नौ साल का पुत्र रितिक और छह साल का भावेश के कान उनके शब्द सुनने के लिए तरस गए हैं। रह-रहकर परिजन उसके फोन नंबर पर संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। परिवार के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी नंदन पर है। परिजनों का कहना है कि उसकी कंपनी से संपर्क करने पर भी कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा है। कंपनी की ओर से उसके लापता होने और रेस्क्यू जारी होने की बात कही जा रही है। परिजनों की मायूस आंखें रोज गांव के रास्ते का ताकती रहती हैं। कोई जानकारी नहीं होने से अब उम्मीद मायूसी में बदलने लगी है। बूढ़ी मां और बिलखती पत्नी ने सरकार से मामले का संज्ञान लेकर नंदन का पता लगाने की गुहार लगाई है।
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