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छह गांवों में नहीं मिले प्रधान प्रत्याशी
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गरुड़/बागेश्वर। पंचायत चुनाव के लिए नई शर्तों के अनुपालन में गरुड़ के छह गांवों में ग्राम प्रधान बनने के लिए योग्य प्रत्याशी ही नहीं मिल सके। यही बाधा ग्राम पंचायत सदस्य पद पर भी रही। इस कारण अधिकतर गांवों में आगामी उपचुनाव (संभावित अवधि छह माह) तक ग्राम पंचायतों का गठन ही नहीं हो सकेगा।
गरुड़ के फल्याटी और बिनखोली ग्राम प्रधान का पद अनुसचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है लेकिन इनके लिए एक भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं हो सका। इसी प्रकार दर्शानी, कटारमल में एससी महिला और रतमटिया, परकोटी गांव में ग्राम प्रधान का पद अनुचित जाति के लिए आरक्षित होने के कारण खाली रहा। इसके अलावा दावेदार की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता पुरुष के लिए हाईस्कूल और महिला के लिए आठवीं कक्षा पास न होने के कारण भी पद रिक्त रह गए।
वहीं बागेश्वर ब्लॉक में भी सुंडिल और रावतसेरा गांव के लिए आरक्षित वर्ग के ग्राम प्रधान के पद खाली रह गए। शैक्षिक योग्यता और जातिगत आरक्षण के कारण भी वहां एक भी नामांकन नहीं हो सका। इस आधार पर जिले में ग्राम प्रधान के आठ पद खाली रह गए।
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गरुड़ के फल्याटी और बिनखोली ग्राम प्रधान का पद अनुसचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है लेकिन इनके लिए एक भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं हो सका। इसी प्रकार दर्शानी, कटारमल में एससी महिला और रतमटिया, परकोटी गांव में ग्राम प्रधान का पद अनुचित जाति के लिए आरक्षित होने के कारण खाली रहा। इसके अलावा दावेदार की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता पुरुष के लिए हाईस्कूल और महिला के लिए आठवीं कक्षा पास न होने के कारण भी पद रिक्त रह गए।
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वहीं बागेश्वर ब्लॉक में भी सुंडिल और रावतसेरा गांव के लिए आरक्षित वर्ग के ग्राम प्रधान के पद खाली रह गए। शैक्षिक योग्यता और जातिगत आरक्षण के कारण भी वहां एक भी नामांकन नहीं हो सका। इस आधार पर जिले में ग्राम प्रधान के आठ पद खाली रह गए।
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