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स्वरोजगार की नजीर : बीटेक डिग्रीधारी का डिटर्जेंट मचा रहा धूम
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बागेश्वर के पासतोली में भूपेंद्र नौटियाल की कंपनी में डिटर्जेंट बनाते कारीगर। संवाद न्यूज एजें?
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद जहां अधिकतर युवा बेहतर नौकरी की तलाश में महानगरों की ओर पलायन कर जाते हैं, वहीं कुछ बिरले अपनी माटी से जुड़कर काम करने को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे ही युवाओं में शामिल हैं पासतोली गांव के भूपेंद्र नौटियाल। बीटेक की डिग्री पाने के बाद भूपेंद्र ने पहले प्रशिक्षण संस्थान और अब डिटर्जेंट बनाने का व्यवसाय शुरू कर युवाओं के लिए नजीर पेश की है। उनका डिटर्जेंट आसपास के बाजारों में हाथोंहाथ लिया जा रहा है।
वज्यूला ग्राम पंचायत के पासतोली तोक निवासी भूपेंद्र ने 2009 में जीआईसी वज्यूला से इंटरमीडिएट करने के बाद मेरठ से बीटेक किया। उन्होंने लुधियाना में रहकर दो वर्ष शेयर बाजार में नौकरी की। नौकरी में अधिक लाभ नहीं दिखने पर वह 2014 में घर लौट आए। घर आने के बाद उन्होंने जिला मुख्यालय के बिलौना में प्रशिक्षण संस्थान खोला। हालांकि संस्थान चला नहीं और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और स्टेशन मार्ग पर फिर से कोचिंग की शुरुआत की। कोचिंग चल निकली तो उन्होंने कठायतबाड़ा में दूसरी शाखा भी शुरू की। पिछले वर्ष कोरोना के कारण कोचिंग का काम ठप पड़ गया। इसके कारण उन्हें एक बार फिर से नुकसान उठाना पड़ा। इस दौरान उन्होंने कठायतबाड़ा की कोचिंग को बंद कर दिया और नए कारोबार में हाथ आजमाने के बारे में सोचा और घर के काम में उपयोगी सामान बनाना शुरू कर दिया।
मां के नाम पर शुरू किया होम प्रोडक्ट का कारोबार
बागेश्वर। कोचिंग संस्थान का काम प्रभावित होने के बाद स्वरोजगार की संभावनाओं को तलाश कर होम प्रोडक्ट में हाथ आजमाने का मन बनाने वाले भूपेंद्र ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के माध्यम से पांच लाख रुपये का लोन लिया और पासतोली में अपनी माता सरस्वती के नाम पर कंपनी की स्थापना की। कंपनी में एक्सट्रा वॉश नाम से कपड़े धोने का पाउडर बनाया। हालांकि इस वर्ष फिर से कोविड कर्फ्यू के कारण कारोबार घटा है, लेकिन पिछले वर्ष की मेहनत से उनका कारोबार फिर बढ़ने की उम्मीद है।
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क्षेत्रीय युवाओं को रोजगार देना है लक्ष्य
बागेश्वर। भूपेंद्र का कहना है कि उनका मकसद स्वरोजगार से लाखों रुपये कमाने की बजाय क्षेत्र के अधिकाधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ना है। फिलहाल कंपनी वाशिंग पाउडर बना रही है, आने वाले दिनों में कपड़े धोने का साबुन, फर्श और टॉयलेट क्लीनर सहित अन्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे। उनके पास दो युवक काम कर रहे हैं।
परिवार का साथ जरूरी
बागेश्वर। भूपेंद्र का कहना है कि किसी भी काम को करने के लिए घरवालों का साथ मिलना बेहद जरूरी है। इस मामले में वह भाग्यशाली हैं। उनकी पत्नी ज्योति नौटियाल एएनएम हैं। पिता हरीश नौटियाल सेना से सेवानिवृत्त हैं। छोटा भाई और बहू यूनियन बैंक और पंजाब नेशनल बैंक में प्रबंधक हैं। परिवार के सभी सदस्य उन्हें एक सफल उद्यमी देखना चाहते हैं।
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वज्यूला ग्राम पंचायत के पासतोली तोक निवासी भूपेंद्र ने 2009 में जीआईसी वज्यूला से इंटरमीडिएट करने के बाद मेरठ से बीटेक किया। उन्होंने लुधियाना में रहकर दो वर्ष शेयर बाजार में नौकरी की। नौकरी में अधिक लाभ नहीं दिखने पर वह 2014 में घर लौट आए। घर आने के बाद उन्होंने जिला मुख्यालय के बिलौना में प्रशिक्षण संस्थान खोला। हालांकि संस्थान चला नहीं और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और स्टेशन मार्ग पर फिर से कोचिंग की शुरुआत की। कोचिंग चल निकली तो उन्होंने कठायतबाड़ा में दूसरी शाखा भी शुरू की। पिछले वर्ष कोरोना के कारण कोचिंग का काम ठप पड़ गया। इसके कारण उन्हें एक बार फिर से नुकसान उठाना पड़ा। इस दौरान उन्होंने कठायतबाड़ा की कोचिंग को बंद कर दिया और नए कारोबार में हाथ आजमाने के बारे में सोचा और घर के काम में उपयोगी सामान बनाना शुरू कर दिया।
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मां के नाम पर शुरू किया होम प्रोडक्ट का कारोबार
बागेश्वर। कोचिंग संस्थान का काम प्रभावित होने के बाद स्वरोजगार की संभावनाओं को तलाश कर होम प्रोडक्ट में हाथ आजमाने का मन बनाने वाले भूपेंद्र ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के माध्यम से पांच लाख रुपये का लोन लिया और पासतोली में अपनी माता सरस्वती के नाम पर कंपनी की स्थापना की। कंपनी में एक्सट्रा वॉश नाम से कपड़े धोने का पाउडर बनाया। हालांकि इस वर्ष फिर से कोविड कर्फ्यू के कारण कारोबार घटा है, लेकिन पिछले वर्ष की मेहनत से उनका कारोबार फिर बढ़ने की उम्मीद है।
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क्षेत्रीय युवाओं को रोजगार देना है लक्ष्य
बागेश्वर। भूपेंद्र का कहना है कि उनका मकसद स्वरोजगार से लाखों रुपये कमाने की बजाय क्षेत्र के अधिकाधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ना है। फिलहाल कंपनी वाशिंग पाउडर बना रही है, आने वाले दिनों में कपड़े धोने का साबुन, फर्श और टॉयलेट क्लीनर सहित अन्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे। उनके पास दो युवक काम कर रहे हैं।
परिवार का साथ जरूरी
बागेश्वर। भूपेंद्र का कहना है कि किसी भी काम को करने के लिए घरवालों का साथ मिलना बेहद जरूरी है। इस मामले में वह भाग्यशाली हैं। उनकी पत्नी ज्योति नौटियाल एएनएम हैं। पिता हरीश नौटियाल सेना से सेवानिवृत्त हैं। छोटा भाई और बहू यूनियन बैंक और पंजाब नेशनल बैंक में प्रबंधक हैं। परिवार के सभी सदस्य उन्हें एक सफल उद्यमी देखना चाहते हैं।