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घायल महिला को डोली में बैठाकर छह किमी चले पोथिंग के ग्रामीण

Sun, 09 Jul 2017 10:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर। Updated Sun, 09 Jul 2017 10:27 PM IST
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Seated six kilometers away from the wounded woman and sitting in the dolly
घायल महिला - फोटो : अमर उजाला

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यातायात की सुविधा न होने से पोथिंग गांव की घायल दिव्यांग महिला को उपचार के लिए डोली में बैठाकर छह किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंचाना पड़ा। महिला को उपचार के बाद डोली में बैठाकर ही गांव तक लाया गया। डोली और उसे पहुंचाने के लिए लोगों का इंतजाम करने में 18 घंटे लग गए। सड़क सुविधा से विहीन ग्रामीणों की यह नियति बन चुकी है। 
सरकार व जनप्रतिनिधि भले ही विकास के लाख दावे करें लेकिन व्यवस्थाएं हकीकत स्थिति को उजागर कर ही देती हैं। ऐसा ही उदाहरण कपकोट का पोथिंग क्षेत्र भी है। जहां के अधिकांश गांव आज भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़े हैं। जहां सड़क बनी है वह हल्की बरसात में ही बंद हो जाती है। पोथिंग के मातोली तोक की रहने वाली मालती देवी काम करते समय सीढ़ियों से फिसलकर गिर गई थी। क्षेत्र में सड़क नहीं होने से परिजनों ने डोली का इंतजाम किया। इसके बाद डोली ले जाने के लिए ग्रामीणों को बुलाया गया। डोली और ले जाने वाले लोगों के इंतजाम में 18 घंटे लग गए।
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इसके बाद महिला को डोली में बिठाकर उबड़-खाबड़ और फिसलन भरे रास्ते से उपचार के लिए ले गए। घायल महिला को डोली में बिठाकर ग्रामीणों ने भटौड़ा तक छह किमी की पैदल दूरी तय की। इसके बाद उसे वाहन से जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां पर उपचार कराने के बाद फिर से उसे डोली में बैठाकर खड़ी चढ़ाई वाले रास्ते से घर तक पहुंचाया गया। सामाजिक कार्यकर्ता मदन सिंह गढ़िया एवं गोपाल दत्त जोशी ने कहा कि समस्याओं से जूझना उनकी नियति बन चुकी है। शासन प्रशासन की उपेक्षा के कारण आज तक उन्हें सड़क तक की सुविधा नहीं मिल पाई है। किसी ग्रामीण के बीमार होने पर डोली का इंतजाम करना पड़ता है। अधिकांश पुरुषों के गांव में मौजूद नहीं होने से समय पर बीमार को अस्पताल तक नहीं पहुंचाया जा सकता है। क्षेत्र की जनता ने समस्याओं को लेकर 93 दिनों तक आंदोलन चलाया था, लेकिन अभी तक किसी भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। जो सड़क क्षेत्र के लिए बनी है वह एक बारिश में ही बंद हो गई। रखरखाव व देखरेख के अभाव में सड़क के हाल अश्व मार्ग से भी बदतर हो चुके हैं। गणेश दत्त जोशी, प्रधान चंपा देवी, गिरीश जोशी, खीम सिंह गढ़िया, जनचेतना मंच के अध्यक्ष हरीश चंद्र जोशी, कुंदन सिंह, हेमा देवी, लक्ष्मी देवी, देवकी नंदन जोशी, उमेश सिंह, प्रताप सिंह, त्रिलोक सिंह आदि ने कहा है कि यदि शीघ्र यातायात की व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो एक बार फिर आंदोलन शुरू किया जाएगा। 
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