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ग्रामीणों का कमेड़ीदेवी में क्रमिक अनशन जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Mon, 11 Sep 2017 11:31 PM IST
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सड़क की मांग करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
बागेश्वर। रंगथरा-मजगांव-चौनाला सड़क के निर्माण की मांग को लेकर मजगांव सड़क संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों का क्रमिक अनशन सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा। चौथे दिन चौनाला के ग्राम प्रधान उदे सिंह भौर्याल और मजगांव के प्रधान हीरा सिंह रावत क्रमिक अनशन पर बैठे।
आंदोलन स्थल कमेड़ीदेवी तिराहेे पर संघर्ष समिति की अध्यक्ष और ग्राम प्रधान भागुली देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि शासन और लोनिवि की उदासीनता के चलते 12 साल पहले मंजूर दो किमी सड़क का निर्माण आज तक शुरू नहीं हो सका है। चेेतावनी दी कि जब तक सड़क का निर्माण शुरू हो नहीं हो जाता, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान झांकरा के प्रधान गिरीश जोशी, पातल की प्रधान पुष्पा देवी, बीडीसी सदस्य गांऊली देवी, पूरन लोहनी, पूर्व बीडीसी सदस्य इं. टीएस रावत संरक्षक, पूर्व प्रधान नारायण सिंह मेहता, भीम सिंह, नारायण सिंह आदि थे।
उधर, जाखनी गांव के कै. पदम सिंह मेहता और नंदन सिंह मेहता ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इसमें कहा गया है कि वन विभाग ने दो किमी लंबी इस सड़क में कुल 41 पेड़ दर्शाए हैं, जबकि अगस्त 2107 में गठित टीम ने पेड़ों की असली संख्या 373 पाई। इसमें अधिकतर पेड़ बांज के थे। शेेरी के 60 परिवार विस्थापन की मांग कर रहे हैं। वहीं, सुरक्षा के लिहाज सड़क के समरेखण के ग्राम पंचायत शेरी, जाखनी और भंतोला के ग्रामीणों का प्रबल विरोध है। सड़क के निर्माण के लिए न तो वे अपनी नाप भूमि कटने देंगे और न पेड़ों पर ही कुल्हाड़ी चलने देेंगे। उन्होंने प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।
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आंदोलन स्थल कमेड़ीदेवी तिराहेे पर संघर्ष समिति की अध्यक्ष और ग्राम प्रधान भागुली देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि शासन और लोनिवि की उदासीनता के चलते 12 साल पहले मंजूर दो किमी सड़क का निर्माण आज तक शुरू नहीं हो सका है। चेेतावनी दी कि जब तक सड़क का निर्माण शुरू हो नहीं हो जाता, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान झांकरा के प्रधान गिरीश जोशी, पातल की प्रधान पुष्पा देवी, बीडीसी सदस्य गांऊली देवी, पूरन लोहनी, पूर्व बीडीसी सदस्य इं. टीएस रावत संरक्षक, पूर्व प्रधान नारायण सिंह मेहता, भीम सिंह, नारायण सिंह आदि थे।
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उधर, जाखनी गांव के कै. पदम सिंह मेहता और नंदन सिंह मेहता ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इसमें कहा गया है कि वन विभाग ने दो किमी लंबी इस सड़क में कुल 41 पेड़ दर्शाए हैं, जबकि अगस्त 2107 में गठित टीम ने पेड़ों की असली संख्या 373 पाई। इसमें अधिकतर पेड़ बांज के थे। शेेरी के 60 परिवार विस्थापन की मांग कर रहे हैं। वहीं, सुरक्षा के लिहाज सड़क के समरेखण के ग्राम पंचायत शेरी, जाखनी और भंतोला के ग्रामीणों का प्रबल विरोध है। सड़क के निर्माण के लिए न तो वे अपनी नाप भूमि कटने देंगे और न पेड़ों पर ही कुल्हाड़ी चलने देेंगे। उन्होंने प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।
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