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कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठे राजस्व उपनिरीक्षक
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बागेश्वर में धरना देते राजस्व निरीक्षक, उप निरीक्षक। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। नायब तहसीलदार और तहसीलदार के पदों पर मिनिस्टीरियल संवर्ग के कार्मिकों की तैनाती से राजस्व उपनिरीक्षकों और राजस्व सेवकों में नाराजगी है। सोमवार को वे पदोन्नति में नियम और अधिनियम की अनदेखी का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए। उन्होंने कार्य बहिष्कार किया। राजस्व निरीक्षक, उप निरीक्षक एवं राजस्व सेवक संघ ने जल्द समस्या का हल न होने पर एक अप्रैल से कलमबंद हड़ताल की चेतावनी दी।
संघ के जिलाध्यक्ष जगदीश परिहार के नेतृत्व में राजस्व उपनिरीक्षक और सेवकों ने तहसील परिसर में धरना देकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि नायब तहसीलदार, तहसीलदार के पदों पर मिनिस्टीरियल संवर्ग के प्रशासनिक अधिकारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को पदोन्नत कर तैनाती दी जा रही है। जिसका राजस्व संवर्ग के कर्मचारी पूर्व से ही विरोध करते आए हैं। कहा कि राजस्व उपनिरीक्षक और अन्य फील्ड कर्मचारियों के अनुभव की अनदेखी कर कार्यालय स्टाफ को तरजीह देना अनुचित है। इससे जहां राजस्व कर्मचारियों के हित प्रभावित हो रहे हैं, वहीं मनोबल भी क्षीण हो रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि फिलहाल दो दिन का कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। अगर सरकार ने जल्द उनकी मांगों का संज्ञान नहीं लिया तो पूर्ण कार्य बहिष्कार कर आंदोलन किया जाएगा। धरने पर संरक्षक आनंद पुरी, उपाध्यक्ष कुंदन मेहता, भगवती जोशी, कोषाध्यक्ष संजय कुमार, संगठन मंत्री गोविंद नाथ गोस्वामी, दया कृष्ण पंत आदि थे।
कांडा में भी राजस्व उपनिरीक्षकों का प्रदर्शन
कांडा। कांडा तहसील परिसर में भी राजस्व उपनिरीक्षकों और सेवकों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने प्रशासनिक अधिकारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को नायब तहसीलदार और तहसीलदार की अनुपस्थिति में उनका कार्यभार दिए जाने पर विरोध जताया। कहा कि पूर्व में राजस्व निरीक्षक और रजिस्ट्रार कानूनगो को इन पदों का कार्यभार दिया जाता था। उन्होंने राजस्व परिषद के इस नियम को अविवेकपूर्ण बताकर पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की। इस मौके पर पूरन लाल वर्मा, हरीश चंद्र तिरुवा, मोहन सिंह भाकुनी, रफत हुसैन आदि थे।
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संघ के जिलाध्यक्ष जगदीश परिहार के नेतृत्व में राजस्व उपनिरीक्षक और सेवकों ने तहसील परिसर में धरना देकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि नायब तहसीलदार, तहसीलदार के पदों पर मिनिस्टीरियल संवर्ग के प्रशासनिक अधिकारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को पदोन्नत कर तैनाती दी जा रही है। जिसका राजस्व संवर्ग के कर्मचारी पूर्व से ही विरोध करते आए हैं। कहा कि राजस्व उपनिरीक्षक और अन्य फील्ड कर्मचारियों के अनुभव की अनदेखी कर कार्यालय स्टाफ को तरजीह देना अनुचित है। इससे जहां राजस्व कर्मचारियों के हित प्रभावित हो रहे हैं, वहीं मनोबल भी क्षीण हो रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि फिलहाल दो दिन का कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। अगर सरकार ने जल्द उनकी मांगों का संज्ञान नहीं लिया तो पूर्ण कार्य बहिष्कार कर आंदोलन किया जाएगा। धरने पर संरक्षक आनंद पुरी, उपाध्यक्ष कुंदन मेहता, भगवती जोशी, कोषाध्यक्ष संजय कुमार, संगठन मंत्री गोविंद नाथ गोस्वामी, दया कृष्ण पंत आदि थे।
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कांडा में भी राजस्व उपनिरीक्षकों का प्रदर्शन
कांडा। कांडा तहसील परिसर में भी राजस्व उपनिरीक्षकों और सेवकों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने प्रशासनिक अधिकारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को नायब तहसीलदार और तहसीलदार की अनुपस्थिति में उनका कार्यभार दिए जाने पर विरोध जताया। कहा कि पूर्व में राजस्व निरीक्षक और रजिस्ट्रार कानूनगो को इन पदों का कार्यभार दिया जाता था। उन्होंने राजस्व परिषद के इस नियम को अविवेकपूर्ण बताकर पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की। इस मौके पर पूरन लाल वर्मा, हरीश चंद्र तिरुवा, मोहन सिंह भाकुनी, रफत हुसैन आदि थे।
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