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सड़क नहीं तो वोट नहीं
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Wed, 28 Dec 2016 10:19 PM IST
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डीएम को ज्ञापन देते ग्रामीण
- फोटो : amar ujala
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पालड़ीछीना-कनगाड़छीना सड़क का निर्माण शुरू न होने से गुस्साए जैनकरास के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का एलान किया है। ग्रामीणों ने बुधवार को डीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें मंजूर सड़क का नाम गांव के अमर शहीद कुंदन सिंह बिष्ट के नाम पर करने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा है कि पूर्व में जैनकरास गांव की जनसंख्या 1500 थी। इनमें से 500 लोग सड़क न होने के कारण राज्य के मैदानी भागों को पलायन कर चुुके हैं। गांव को सड़क से जोड़ने के लिए वर्ष 2002 में 12 किमी सड़क मंजूर हुई थी। लेकिन निर्माण के नाम पर वहां आज तक एक भी फावड़ा नहीं चल सका है। ग्रामीणों ने कहा है कि सड़क न बनने के कारण गांव के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सड़क के निर्माण के लिए लोनिवि को कई बार ज्ञापन दे दिए हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।
उन्होंने कहा अगर मांग पूरी नहीं हुई तो विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। बता दें कि गांव के कुंदन सिंह बिष्ट वर्ष 2016 में 17 केआरसी अरुणाचल प्रदेश में कार्यरत थे। आठ नवंबर 2016 को वह पेट्रोलिंग के दौरान शहीद हो गए थे। इस मौके पर ग्राम प्रधान करासमाफी गीता देवी, शहीद कुंदन सिंह बिष्ट की धर्मपत्नी जानकी देवी, भाई दिनेश सिंह, निर्मल सिंह, देव सिंह, जीवन सिंह, कैलाश सिंह, मोहन जोशी आदि थे।
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ग्रामीणों ने कहा है कि पूर्व में जैनकरास गांव की जनसंख्या 1500 थी। इनमें से 500 लोग सड़क न होने के कारण राज्य के मैदानी भागों को पलायन कर चुुके हैं। गांव को सड़क से जोड़ने के लिए वर्ष 2002 में 12 किमी सड़क मंजूर हुई थी। लेकिन निर्माण के नाम पर वहां आज तक एक भी फावड़ा नहीं चल सका है। ग्रामीणों ने कहा है कि सड़क न बनने के कारण गांव के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सड़क के निर्माण के लिए लोनिवि को कई बार ज्ञापन दे दिए हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।
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उन्होंने कहा अगर मांग पूरी नहीं हुई तो विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। बता दें कि गांव के कुंदन सिंह बिष्ट वर्ष 2016 में 17 केआरसी अरुणाचल प्रदेश में कार्यरत थे। आठ नवंबर 2016 को वह पेट्रोलिंग के दौरान शहीद हो गए थे। इस मौके पर ग्राम प्रधान करासमाफी गीता देवी, शहीद कुंदन सिंह बिष्ट की धर्मपत्नी जानकी देवी, भाई दिनेश सिंह, निर्मल सिंह, देव सिंह, जीवन सिंह, कैलाश सिंह, मोहन जोशी आदि थे।
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