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त्रिमाघी पूजा के साथ धार्मिक उत्तरायणी मेला संपन्न
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बागेश्वर के बागनाथ मंदिर में माघ खिचड़ी ग्रहण करते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। त्रिमाघी पूजा के साथ इस साल के धार्मिक उत्तरायणी मेले का समापन हो गया है। मेले के अंतिम दिन भी भक्तों ने सरयू नदी में स्नान कर बागनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की। भगवान शिव का जलाभिषेक किया। गरीबों को दान देकर तीन दिन तक चले उपवास का उद्यापन भी किया।
सूर्यदेव के उत्तरायण होने पर त्रिमाघी उपवास और पूजा का विधान है। मकर संक्रांति से तीन दिन तक भक्त नियमित सरयू नदी का पावन जल से बाबा का अभिषेक करते हैं। उन्हें भोग के रूप में चावल अर्पण किए जाते हैं। काल भैरव मंदिर में खिचड़ी चढ़ाई जाती है। गुड़ और तिल का भी भक्तजन दान करते हैं। इस साल कोरोना के चलते उत्तरायणी को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित कर दिया गया। इस दौरान महामारी को दरकिनार करते हुए सैकड़ों भक्तों ने धार्मिक मेले में प्रतिभाग किया। तीन दिन तक बाबा के दर पर भक्तों की भीड़ लगी रही। पंडितों और पुरोहितों ने भी पूजा अर्चना से कोरोना काल में आई मंदी से निजात पाई। पंडित प्रकाश कांडपाल ने बताया कि प्रशासन के उत्तरायणी को सीमित करने के बाद लोगों के मंदिर आने के लिए जो आशंका बनी थी, वह निराधार साबित हुई।
भक्तों ने ग्रहण किया माघी खिचड़ी का प्रसाद
बागेश्वर। माघ के महीने में हर साल बागनाथ मंदिर में माघी खिचड़ी का आयोजन किया जाता है। भक्तजन मन्नत पूरी होने या कोई शुभ कार्य होने पर माघी खिचड़ी का आयोजन करते हैं। पूरे महीने भर यह कार्यक्रम चलता है। त्रिमाघी पूजा के समापन पर डॉ. देवेंद्र सीपाल और पुलिसकर्मी सरिता सीपाल ने माघी खिचड़ी का आयोजन कराया। सैकड़ों की संख्या में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया।
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सूर्यदेव के उत्तरायण होने पर त्रिमाघी उपवास और पूजा का विधान है। मकर संक्रांति से तीन दिन तक भक्त नियमित सरयू नदी का पावन जल से बाबा का अभिषेक करते हैं। उन्हें भोग के रूप में चावल अर्पण किए जाते हैं। काल भैरव मंदिर में खिचड़ी चढ़ाई जाती है। गुड़ और तिल का भी भक्तजन दान करते हैं। इस साल कोरोना के चलते उत्तरायणी को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित कर दिया गया। इस दौरान महामारी को दरकिनार करते हुए सैकड़ों भक्तों ने धार्मिक मेले में प्रतिभाग किया। तीन दिन तक बाबा के दर पर भक्तों की भीड़ लगी रही। पंडितों और पुरोहितों ने भी पूजा अर्चना से कोरोना काल में आई मंदी से निजात पाई। पंडित प्रकाश कांडपाल ने बताया कि प्रशासन के उत्तरायणी को सीमित करने के बाद लोगों के मंदिर आने के लिए जो आशंका बनी थी, वह निराधार साबित हुई।
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भक्तों ने ग्रहण किया माघी खिचड़ी का प्रसाद
बागेश्वर। माघ के महीने में हर साल बागनाथ मंदिर में माघी खिचड़ी का आयोजन किया जाता है। भक्तजन मन्नत पूरी होने या कोई शुभ कार्य होने पर माघी खिचड़ी का आयोजन करते हैं। पूरे महीने भर यह कार्यक्रम चलता है। त्रिमाघी पूजा के समापन पर डॉ. देवेंद्र सीपाल और पुलिसकर्मी सरिता सीपाल ने माघी खिचड़ी का आयोजन कराया। सैकड़ों की संख्या में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया।
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