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पुंगरघाटी की आबादी बैंकिंग सुविधा के लिए तरसी
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Pungarghati population craves for banking facility
बागेश्वर। पुंगरघाटी क्षेत्र की 30 हजार से अधिक आबादी बैंकिंग सेवा से वंचित है। पेंशनधारकों, किसानों, व्यवसायी और कारोबारियों को बैंक संबंधी कार्यों के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है।
पुंगरघाटी में सरकारी और निजी स्कूल हैं। छोटी, बड़ी दुकानों के अलावा स्थानीय स्तर पर कई लोगों ने कारोबार खड़ा कर रखा है। क्षेत्र में 25 से अधिक खड़िया की खानें हैं। लेन-देन संबंधी कार्यों के लिए 50 से अधिक गांवों के लोगों को 10 से 40 किमी दूर जिला मुख्यालय आना पड़ता है। पुंगरघाटी विकास मंच के मुख्य संयोजक हरीश कालाकोटी ने बताया कि लंबे समय से इलाके में बैंक खोलने की मांग कर रहे हैं। क्षेत्र में प्रस्तावित सहकारी बैंक की शाखा घोषणा के बाद भी नहीं खुल सकी है। क्षेत्र में एकमात्र उप डाकघर दोफाड़ में है।
इन गांवों के लोगों को आना पड़ता है बागेश्वर
पुंगरघाटी के चिड़ंग, करुली, चौरा, डुंगरी, छातीखेत, खोलियागांव, रताईस, दोफाड़, नाघर, खुलदौड़ी, कवाग, गुरचुना, पलसों, ककड़ात, फुलसेरा, नौगांव, पलायन, मठीगांव, गापानी, बनगड़ी, मजबे, रनकांडा, नायल, अनेरिया क्षेत्र के लोग बैंक संबंधी कामों के लिए जिला मुख्यालय बागेश्वर आने को मजबूर है। इसमें पैसों के साथ-साथ उनके समय की भी बर्बादी होती है।
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क्षेत्र में बैंक की शाखा न होने से हर महीने पेंशन के लिए जिला मुख्यालय जाना संभव नहीं हो पाता है। कई बार काम न होने पर दोबारा जाना पड़ता है। सरकार को नजदीक में बैंक खोलना चाहिए। - हरुली देवी।
बैंक न होने से खेतीबाड़ी का काम छोड़कर बैंक के काम के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है। कई बार बैंक का काम न होने से समय और धन की बर्बादी होती है। - दीवान सिंह कालाकोटी
रोजगार के लिए ऋण संबंधित कार्य और परिवार के सदस्यों के बैंक से संबंधित कार्य के लिए जिला मुख्यालय बागेश्वर जाना पड़ रहा है। इलाके में बैंक की शाखा खोली जानी चाहिए। - रोहित कालाकोटी।
सरकार ऑनलाइन लेनदेन को बढ़ावा दे रही है। पुंगर घाटी क्षेत्र में सीएससी सेंटर खोले जाएंगे। सीएससी सेंटरों से लेनदेन होगा। - एनआर जौहरी, लीड बैंक अधिकारी बागेश्वर।
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पुंगरघाटी में सरकारी और निजी स्कूल हैं। छोटी, बड़ी दुकानों के अलावा स्थानीय स्तर पर कई लोगों ने कारोबार खड़ा कर रखा है। क्षेत्र में 25 से अधिक खड़िया की खानें हैं। लेन-देन संबंधी कार्यों के लिए 50 से अधिक गांवों के लोगों को 10 से 40 किमी दूर जिला मुख्यालय आना पड़ता है। पुंगरघाटी विकास मंच के मुख्य संयोजक हरीश कालाकोटी ने बताया कि लंबे समय से इलाके में बैंक खोलने की मांग कर रहे हैं। क्षेत्र में प्रस्तावित सहकारी बैंक की शाखा घोषणा के बाद भी नहीं खुल सकी है। क्षेत्र में एकमात्र उप डाकघर दोफाड़ में है।
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इन गांवों के लोगों को आना पड़ता है बागेश्वर
पुंगरघाटी के चिड़ंग, करुली, चौरा, डुंगरी, छातीखेत, खोलियागांव, रताईस, दोफाड़, नाघर, खुलदौड़ी, कवाग, गुरचुना, पलसों, ककड़ात, फुलसेरा, नौगांव, पलायन, मठीगांव, गापानी, बनगड़ी, मजबे, रनकांडा, नायल, अनेरिया क्षेत्र के लोग बैंक संबंधी कामों के लिए जिला मुख्यालय बागेश्वर आने को मजबूर है। इसमें पैसों के साथ-साथ उनके समय की भी बर्बादी होती है।
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क्षेत्र में बैंक की शाखा न होने से हर महीने पेंशन के लिए जिला मुख्यालय जाना संभव नहीं हो पाता है। कई बार काम न होने पर दोबारा जाना पड़ता है। सरकार को नजदीक में बैंक खोलना चाहिए। - हरुली देवी।
बैंक न होने से खेतीबाड़ी का काम छोड़कर बैंक के काम के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है। कई बार बैंक का काम न होने से समय और धन की बर्बादी होती है। - दीवान सिंह कालाकोटी
रोजगार के लिए ऋण संबंधित कार्य और परिवार के सदस्यों के बैंक से संबंधित कार्य के लिए जिला मुख्यालय बागेश्वर जाना पड़ रहा है। इलाके में बैंक की शाखा खोली जानी चाहिए। - रोहित कालाकोटी।
सरकार ऑनलाइन लेनदेन को बढ़ावा दे रही है। पुंगर घाटी क्षेत्र में सीएससी सेंटर खोले जाएंगे। सीएससी सेंटरों से लेनदेन होगा। - एनआर जौहरी, लीड बैंक अधिकारी बागेश्वर।