बागेश्वर। कोविड काल में स्वास्थ्य विभाग में तैनात किए गए उपनल संविदा कर्मियों का आंदोलन रविवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट परिसर में धरना देकर स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग से सेवा समाप्त किए जाने को लेकर नाराज हैं। आक्रोशित कर्मचारियों ने सेवा विस्तार और समायोजन की मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेेतावनी दी।
आंदोलन कर रहे उपनल कर्मचारियों का कहना है कि दो साल पहले कोरोना संक्रमण बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग ने 85 कर्मचारियों को एनएचएम के तहत उपनल संविदा कर्मी के रूप में फार्मासिस्ट, डाटा इंट्री ऑपरेटर, एएनएम, पर्याररण मित्र, अनुसेवक आदि पदों पर नियुक्त किया था। 31 मार्च से कर्मचारियों का अनुबंध खत्म कर दिया गया है। कहा कि अनुबंध पूरा होने के बाद कर्मचारी बेरोजगारी की कगार पर हैं लेकिन विभाग परेशानी नहीं समझ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि जरुरत के समय जान जोखिम में डालकर अपनी सेवा देने वाले कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने का निर्णय सही नहीं है। कहा कि अगर सरकार ने कर्मचारियों के हित में फैसला नहीं लिया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। वहां पर संगठन के अध्यक्ष संजय कनौजिया, चंदन कुमार, दीपा देवी, यशोदा देवी, हरीश चंद्र आदि थे।