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Bageshwar News: अल्ट्रासाउंड सुविधा का अभाव, गर्भवती महिलाएं परेशान
Thu, 09 Apr 2026 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Thu, 09 Apr 2026 10:50 PM IST
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बागेश्वर। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं है। इससे 2870 पंजीकृत गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। जिले में केवल एक रेडियोलॉजिस्ट और एक सोनोलॉजिस्ट हैं। इनके अवकाश पर जाने से सेवाएं बाधित होती हैं।
सोनोलॉजिस्ट सप्ताह में तीन दिन कपकोट सीएचसी और तीन दिन बैजनाथ सीएचसी में अपनी सेवाएं देते हैं। सीएचसी कांडा में महज एक दिन शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड की औपचारिकता पूरी की जाती है यदि उस दिन भी मरीजों की कम संख्या हो तो उन्हें जिला अस्पताल ही बुलाया जाता है।
दावों की खुली पोल, निगरानी पर सवाल
स्वास्थ्य विभाग ऊंचे मंचों से गर्भवतियों की शत-प्रतिशत नियमित जांच और निगरानी का दावा करता है लेकिन जब जिले में डॉक्टरों की संख्या ही ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। बागेश्वर ब्लॉक में 1161, गरुड़ में 913 और कपकोट में 796 गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। नियमित अल्ट्रासाउंड न होने के कारण अधिकांश महिलाओं को मजबूरन भारी भरकम फीस देकर निजी क्लीनिक में जाना पड़ता है।
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सोनोलॉजिस्ट सप्ताह में तीन दिन कपकोट सीएचसी और तीन दिन बैजनाथ सीएचसी में अपनी सेवाएं देते हैं। सीएचसी कांडा में महज एक दिन शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड की औपचारिकता पूरी की जाती है यदि उस दिन भी मरीजों की कम संख्या हो तो उन्हें जिला अस्पताल ही बुलाया जाता है।
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दावों की खुली पोल, निगरानी पर सवाल
स्वास्थ्य विभाग ऊंचे मंचों से गर्भवतियों की शत-प्रतिशत नियमित जांच और निगरानी का दावा करता है लेकिन जब जिले में डॉक्टरों की संख्या ही ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। बागेश्वर ब्लॉक में 1161, गरुड़ में 913 और कपकोट में 796 गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। नियमित अल्ट्रासाउंड न होने के कारण अधिकांश महिलाओं को मजबूरन भारी भरकम फीस देकर निजी क्लीनिक में जाना पड़ता है।
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