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पॉवर प्रोजेक्ट के कर्मचारियों ने काम ठप किया
अमर उजाला ब्यूरो, कपकोट (बागेश्वर)।
Updated Wed, 19 Apr 2017 12:20 AM IST
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वेतन बढ़ोत्तरी, नियुक्ति पत्र और भविष्य निधि फंड की मांग के बदले नौकरी से निकालने की धमकी मिलने से नाराज उत्तर भारत हाइड्रो पॉवर के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। कर्मचारियों की हड़ताल से पॉवर स्टेशन में विद्युत उत्पादन ठप हो गया है।
उत्तर भारत हाइड्रो पॉवर के पीआरओ नंदन सिंह सहित अन्य कर्मचारी पूर्व चेतावनी के अनुसार मंगलवार से कार्य बहिष्कार पर चले गए। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से पॉवर हाउस में बिजली का उत्पादन भी ठप हो गया।
पॉवर हाउस परिसर में धरने पर बैठे हड़ताली कर्मचारियों ने कहा कि वे पिछले नौ वर्षों से कंपनी में काम कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें वेतन बढ़ोत्तरी, नियुक्ति पत्र, भविष्य निधि फंड और निशुल्क मेस की सुविधा नहीं मिली है। निदेशक मंडल के सामने समस्या रखने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है।
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हड़ताली कर्मियों ने भविष्य निधि फंड काटने, श्रम कानून के तहत सभी को वेतन भत्ते, निशुल्क आवास, हर माह की वेतन 10 तारीख निश्चित करने, ओवर टाइम का भुगतान, बोनस भत्ता, स्थानीय कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी न देने, वेतन नेट बैंकिंग से देने, आईकार्ड उपलब्ध कराने और निकाले गए कर्मियों की वापसी की मांग उठाई। कहा कि प्रबंधन द्वारा मांगे पूरी होने पर हड़ताल वापस ले ली जाएगी। ब्यूरो
एक दिन में 1.80 लाख रुपये का होगा नुकसान
कपकोट। उत्तर भारत हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट में प्रतिदिन 37 हजार यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। यह बिजली कंपनी ग्रिड को सप्लाई करती है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर भी बिजली दी जाती है। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बिजली का उत्पादन ठप हो गया है। कर्मचारियों की हड़ताल से कंपनी को प्रतिदिन 1.80 लाख रुपये का नुकसान होगा।
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उत्तर भारत हाइड्रो पॉवर के पीआरओ नंदन सिंह सहित अन्य कर्मचारी पूर्व चेतावनी के अनुसार मंगलवार से कार्य बहिष्कार पर चले गए। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से पॉवर हाउस में बिजली का उत्पादन भी ठप हो गया।
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पॉवर हाउस परिसर में धरने पर बैठे हड़ताली कर्मचारियों ने कहा कि वे पिछले नौ वर्षों से कंपनी में काम कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें वेतन बढ़ोत्तरी, नियुक्ति पत्र, भविष्य निधि फंड और निशुल्क मेस की सुविधा नहीं मिली है। निदेशक मंडल के सामने समस्या रखने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है।
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हड़ताली कर्मियों ने भविष्य निधि फंड काटने, श्रम कानून के तहत सभी को वेतन भत्ते, निशुल्क आवास, हर माह की वेतन 10 तारीख निश्चित करने, ओवर टाइम का भुगतान, बोनस भत्ता, स्थानीय कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी न देने, वेतन नेट बैंकिंग से देने, आईकार्ड उपलब्ध कराने और निकाले गए कर्मियों की वापसी की मांग उठाई। कहा कि प्रबंधन द्वारा मांगे पूरी होने पर हड़ताल वापस ले ली जाएगी। ब्यूरो
एक दिन में 1.80 लाख रुपये का होगा नुकसान
कपकोट। उत्तर भारत हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट में प्रतिदिन 37 हजार यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। यह बिजली कंपनी ग्रिड को सप्लाई करती है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर भी बिजली दी जाती है। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बिजली का उत्पादन ठप हो गया है। कर्मचारियों की हड़ताल से कंपनी को प्रतिदिन 1.80 लाख रुपये का नुकसान होगा।