फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Possibilities of coral silk production explored in Kapkot villages

Bageshwar News: कपकोट के गांवों में तलाशी मूंगा रेशम उत्पादन की संभावनाएं

Tue, 07 May 2024 11:23 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Tue, 07 May 2024 11:23 PM IST
विज्ञापन
Possibilities of coral silk production explored in Kapkot villages
कपकोट के पनौरा गांव में मूंगा रेशम उत्पादन की संभावनाओं  के लिए सर्वे करते रेशम विभाग के अ​​धिक
बागेश्वर। प्राकृतिक खेती से हटकर स्वरोजगार के अन्य विकल्पों की तलाश कर रहे किसानों के लिए अच्छी खबर है। रेशम विभाग ने कपकोट के ग्रामीण इलाकों में मूंगा रेशम उत्पादन की कवायद शुरू कर दी है। विभाग की टीम ने चार गांवों में सर्वे किया और किसानोंं को मूंगा रेशम उत्पादन से होने वाले लाभ बताए। मंडलसेरा की देवकी वाटिका में मूंगा रेशम के उत्पादन का सफल ट्रायल होने के बाद विभाग इसके प्रचार प्रसार में जुट गया है।
विज्ञापन

रेशम विभाग के कुमाऊं मंडल डिप्टी डायरेक्टर हेम चंद्र, वैज्ञानिक एएन वर्मा और अन्य अधिकारियों ने पुड़कूनी, तोली, चीराबगड़ और पनौरा गांव का भ्रमण कर मूंगा रेशम उत्पादन की संभावनाएं तलाशीं। इस दौरान किसानों को मूंगा रेशम के लिए उपयुक्त जलवायु, कौल के पौधों की उपलब्धता, गांव की आबादी आदि के बारे में विस्तार से जानकारियों का आदान-प्रदान किया गया। सर्वेक्षण में शामिल वृक्ष पुरुष किशन सिंह मलड़ा ने देवकी वाटिका में असम से कीट लाकर मूंगा रेशम के सफल उत्पादन के अनुभव सांझा किए। उन्होंने बताया कि कौल के पौधों पर जाली लगाकर मूंगा रेशम का उत्पादन किया जा रहा है। तेजपत्ता के पौधे पर भी रेशम के कीट को पाला जा सकता है। इस मौके पर रेशम विभाग अल्मोड़ा के सहायक निदेशक संजय काला, रेशम निरीक्षक कमलेश कुमार, संजीवनी संस्था के विनोद सिंह घुघुत्याल, दीवान सिंह कपकोटी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed