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Bageshwar News: खलझूनी में तैयार हुए ओक टसर रेशम के 25 हजार कोकून
Thu, 10 Aug 2023 12:26 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Thu, 10 Aug 2023 12:26 AM IST
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कपकोट/बागेश्वर। कपकोट के ग्रामीण अंचलों में ओक टसर रेशम का उत्पादन होने लगा है। फरसाली क्षेत्र के बाद दूरस्थ गांव खलझूनी के किसानों ने भी टसर रेशम की अच्छी पैदावार की है। गांव के चार किसानों ने 25,560 कोकून तैयार किए हैं जिससे किसानों को करीब 50,000 रुपये की आय मिलेगी।
रेशम विभाग और संजीवनी संस्था कपकोट के ग्रामीण अंचलों में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने का काम कर रही है। क्षेत्र के करीब 11 गांवों में स्थानीय बांज पर टसर रेशम का उत्पादन हो रहा है। किसानों की मदद से इन गांवों में मणिपुरी बांज के पौधे भी लगाए जा रहे हैं। संजीवनी संस्था के सुपरवाइजर विनोद सिंह घुघुतियाल ने बताया कि खलझूनी गांव में प्रयोग के तौर पर रेखा देवी, मानुली देवी, इंद्रा देवी और रूप सिंह ने स्थानीय बांज, खरसू और तिलंग के पत्तों पर रेशम कीट पालन किया था। 45 दिन के बाद उनकी मेहनत सामने आई है।
संस्था किसानों से कोकून खरीदेगी और उन्हें बाजार में बेचेगी। किसानों को ग्रेड के अनुसार प्रति कोकून दो, डेढ़ और एक रुपये दिए जाते हैं। बताया कि इस साल की पैदावार से किसान उत्साहित हैं। अगले साल अधिक किसान रेशम उत्पादन करने की बात कर रहे हैं। संस्था के माध्यम से उन्हें समुचित सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
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रेशम विभाग और संजीवनी संस्था कपकोट के ग्रामीण अंचलों में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने का काम कर रही है। क्षेत्र के करीब 11 गांवों में स्थानीय बांज पर टसर रेशम का उत्पादन हो रहा है। किसानों की मदद से इन गांवों में मणिपुरी बांज के पौधे भी लगाए जा रहे हैं। संजीवनी संस्था के सुपरवाइजर विनोद सिंह घुघुतियाल ने बताया कि खलझूनी गांव में प्रयोग के तौर पर रेखा देवी, मानुली देवी, इंद्रा देवी और रूप सिंह ने स्थानीय बांज, खरसू और तिलंग के पत्तों पर रेशम कीट पालन किया था। 45 दिन के बाद उनकी मेहनत सामने आई है।
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संस्था किसानों से कोकून खरीदेगी और उन्हें बाजार में बेचेगी। किसानों को ग्रेड के अनुसार प्रति कोकून दो, डेढ़ और एक रुपये दिए जाते हैं। बताया कि इस साल की पैदावार से किसान उत्साहित हैं। अगले साल अधिक किसान रेशम उत्पादन करने की बात कर रहे हैं। संस्था के माध्यम से उन्हें समुचित सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
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