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जख्म पर मरहम : पेड़ों पर लगे बोर्ड और प्रचार सामग्री हटाई
Tue, 25 Jul 2023 12:31 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Tue, 25 Jul 2023 12:31 AM IST
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बागेश्वर। अमर उजाला की खबर लोगों को प्रेरणा देने का काम कर रही है। प्रचार सामग्री टांगने के लिए पेड़ों में ठोके गए कील, बांधे गए तारों पर अमर उजाला में प्रकाशित खबर से नगर के समाजसेवी कुंदन लाल प्रभावित हुए। उन्होंने जिला मुख्यालय में पेड़ों को छलनी बनाकर लगाई गई प्रचार सामग्री हटानी शुरू कर दी है। उनकी हर कोई सराहना कर रहा है।
अमर उजाला ने सोमवार के अंक में इन पेड़ों में भी सांसें हैं, उन्हें बख्श दीजिए शीर्षक से पेड़ों को कील ठोककर, तार बांधकर छलनी करने के संबंध में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। नगर में जागरूकता लाने में अहम भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ समाजसेवी कुंदन लाल इस खबर से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने पेड़ों को छलनी कर ठोके गए बोर्ड और अन्य प्रचार सामग्री को पेड़ों से अलग किया। पेड़ों में ठुकी कील निकाली।
उन्होंने अभियान की शुरूआत गोमती पुल से की। पीपल के पेड़ में ठोके गए बोर्डों को हटाया। कुंदन लाल ने कहा कि वह पूरे नगर के पेड़ों मेें ठोके गए बोर्ड और अन्य प्रचार सामग्री को हटाएंगे। लोगों को ऐसा न करने के लिए प्रेरित करेंगे।
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वर्तमान में चंद पौधे रोपकर धरती को हराभरा करने के दावे किए जा रहे हैं। सरकारी अमले के साथ पौधे भी लगाए जा रहे हैं लेकिन अच्छे-भले पेड़ों को कील ठोककर छलनी करने के मामले में न जिम्मेदार सरकारी तंत्र हरकत में आया है। नगरपालिका और पर्यावरण प्रेमी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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अमर उजाला ने सोमवार के अंक में इन पेड़ों में भी सांसें हैं, उन्हें बख्श दीजिए शीर्षक से पेड़ों को कील ठोककर, तार बांधकर छलनी करने के संबंध में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। नगर में जागरूकता लाने में अहम भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ समाजसेवी कुंदन लाल इस खबर से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने पेड़ों को छलनी कर ठोके गए बोर्ड और अन्य प्रचार सामग्री को पेड़ों से अलग किया। पेड़ों में ठुकी कील निकाली।
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उन्होंने अभियान की शुरूआत गोमती पुल से की। पीपल के पेड़ में ठोके गए बोर्डों को हटाया। कुंदन लाल ने कहा कि वह पूरे नगर के पेड़ों मेें ठोके गए बोर्ड और अन्य प्रचार सामग्री को हटाएंगे। लोगों को ऐसा न करने के लिए प्रेरित करेंगे।
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वर्तमान में चंद पौधे रोपकर धरती को हराभरा करने के दावे किए जा रहे हैं। सरकारी अमले के साथ पौधे भी लगाए जा रहे हैं लेकिन अच्छे-भले पेड़ों को कील ठोककर छलनी करने के मामले में न जिम्मेदार सरकारी तंत्र हरकत में आया है। नगरपालिका और पर्यावरण प्रेमी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।