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कोरोना की दूसरी लहर का असर विस चुनावों की तैयारी पर पड़ा
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बागेश्वर। कोरोना की दूसरी लहर ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। सारी गतिविधियां ठप हैं। इसका असर अगले वर्ष 2022 में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों की गतिविधियों पर भी पड़ा है।
कारोबार के साथ राजनीतिक गतिविधियां भी थम गई हैं जबकि सामान्य स्थिति में रोजाना कई राजनीतिक गतिविधियां होतीं। राजनीतिक दल राजनीतिक बिसात बिछा रहे होते। आरोप-प्रत्यारोपों का दौर चल रहा होता।
पिछले वर्ष जून में अनलॉक के बाद राजनीतिक गतिविधियां शुरू हो गई थीं। इस वर्ष की शुरुआत में भाजपा, कांग्रेस ने चुनावी तैयारी शुरू कर दी थी।
बूथ स्तर पर बैठक होने लगी थी। बूथ कमेटियों का गठन होने लगा था। आरोप-प्रत्यारोप के दौर शुरू हो गए थे। बड़े नेताओं के दौरों का आगाज हो गया था।
आम आदमी पार्टी ने भी पैठ बनानी शुरू कर दी थी लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने सारे राजनीतिक अभियानों पर लगाम लगा दी है। राजनीतिक हलचल थम गई है।
फिलहाल राजनेताओं की बयानबाजी से जनता को निजात मिली है। हालांकि जरूरतमंदों की मदद के बहाने भाजपा सरकार की योजनाएं बता रही है जबकि कांग्रेस जांच, टीकाकरण, ऑक्सीजन, बेड की कमी पर सवाल उठा रही है।
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भाजपा, कांग्रेस बांट रही राशन किट, अन्य चुप
बागेश्वर। कोरोना काल में राजनीतिक गतिविधियां ठप होने से राजनीतिक दलों के पास राजनीति करने के लिए कोई खास मुद्दा नहीं रह गया है। भाजपा और कांग्रेस कोरोना प्रभावित चंद क्षेत्रों में राशन किट बांट रहे हैं। अन्य दलों की गतिविधियां ठप हैं।
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कारोबार के साथ राजनीतिक गतिविधियां भी थम गई हैं जबकि सामान्य स्थिति में रोजाना कई राजनीतिक गतिविधियां होतीं। राजनीतिक दल राजनीतिक बिसात बिछा रहे होते। आरोप-प्रत्यारोपों का दौर चल रहा होता।
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पिछले वर्ष जून में अनलॉक के बाद राजनीतिक गतिविधियां शुरू हो गई थीं। इस वर्ष की शुरुआत में भाजपा, कांग्रेस ने चुनावी तैयारी शुरू कर दी थी।
बूथ स्तर पर बैठक होने लगी थी। बूथ कमेटियों का गठन होने लगा था। आरोप-प्रत्यारोप के दौर शुरू हो गए थे। बड़े नेताओं के दौरों का आगाज हो गया था।
आम आदमी पार्टी ने भी पैठ बनानी शुरू कर दी थी लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने सारे राजनीतिक अभियानों पर लगाम लगा दी है। राजनीतिक हलचल थम गई है।
फिलहाल राजनेताओं की बयानबाजी से जनता को निजात मिली है। हालांकि जरूरतमंदों की मदद के बहाने भाजपा सरकार की योजनाएं बता रही है जबकि कांग्रेस जांच, टीकाकरण, ऑक्सीजन, बेड की कमी पर सवाल उठा रही है।
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भाजपा, कांग्रेस बांट रही राशन किट, अन्य चुप
बागेश्वर। कोरोना काल में राजनीतिक गतिविधियां ठप होने से राजनीतिक दलों के पास राजनीति करने के लिए कोई खास मुद्दा नहीं रह गया है। भाजपा और कांग्रेस कोरोना प्रभावित चंद क्षेत्रों में राशन किट बांट रहे हैं। अन्य दलों की गतिविधियां ठप हैं।