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जिला पंचायत बागेश्वर के बजट आवंटन का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जिपं उपाध्यक्ष, सदस्यों का आंदोलन समाप्त

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Nov 2022 11:03 PM IST
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Politics in Bageshwar Jila Panchayat
बागेश्वर में पत्रकारों से बातचीत करते जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार और अन्य सदस्य। संवाद - फोटो : BAGESHWAR
नैनीताल/बागेश्वर। जिला पंचायत उपाध्यक्ष और आठ सदस्यों की ओर से बजट आवंटन में असमान वितरण के आरोप का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार और सदस्य रूपा कोरंगा की याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। याचिका में कहा गया कि असमान बजट वितरण और कुछ सदस्यों को जिला पंचायत की समितियों में स्थान नहीं मिल रहा। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सरकार सहित अन्य को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
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उधर, मामला हाईकोर्ट पहुंचने पर असंतुष्ट जिला पंचायत सदस्यों ने 11 दिन से चल रहा धरना समाप्त कर दिया है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष और आठ सदस्यों नौ नवंबर से जिला पंचायत परिसर में धरना दे रहे थे। जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार और सात सदस्यों ने पत्रकारों से वार्ता में बताया कि 15 नवंबर को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पूर्व में भी आंदोलन हुए। तब जिला पंचायत अध्यक्ष और डीएम के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किया गया। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य हरीश ऐठानी, सुरेश खेतवाल, गोपा धपोला, वंदना ऐठानी, रूपा कोरंगा, इंदिरा परिहार भी मौजूद रहीं।
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नवीन परिहार, जिपं सदस्य रूपा कोरंगा की ओर से पैरवी कर रहे उधर, अधिवक्ता योगेश पंचोलिया ने फोन पर बताया कि हाईकोर्ट ने याचिका पर सरकार और जिपं को प्रति शपथपत्र दाखिल करने के आदेश जारी किए हैं।

जब नहीं सुनी तब कोर्ट की शरण लेनी पड़ी
बागेश्वर। सदस्यों ने कहा कि दो बार जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। सरकार के दबाव में जांच रिपोर्टों पर कार्रवाई नहीं की गई। इस वजह से उन लोगों को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। हाईकोर्ट ने रिट का संज्ञान लिया है, इसे देखते हुए आंदोलन समाप्त किया जा रहा है। उनका कहना है कि हमें न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है।
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