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संगम पर बना स्नानगृह बंद होने से तीर्थयात्री परेशान
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बागेश्वर के संगम पर बने स्नानागार में लगे ताले दिखाते श्रद्धालु।
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। सरयू और गोमती नदियों के संगम पर बना नगर पालिका का स्नानगृह बंद होने से संगम में स्नान करने आने वाले तीर्थयात्री परेशान हैं। स्नानगृह उत्तरायणी मेले के समय ही खुलता है। अन्य दिनों बंद रहता है। संगम में स्नान करने आने वाले महिला और पुरुष तीर्थ यात्री खुले में स्नान करने को मजबूर हैं। स्नानगृह बंद होने से महिलाओं को खासी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
देव कार्य और पितृ कार्य के लिए कई लोग बाबा बागनाथ की नगरी में पहुंचे हैं। सरयू और गोमती नदी के संगम तट पर हर रोज स्नान करने वालों की भीड़ रहती है। इस स्थान पर नगर पालिका का स्नानगृह बना है, लेकिन उसमें ताले लटके हैं। नगर पालिका के मुताबिक स्नानगृह को सीजनल खोला जाता है। उत्तरायणी मेले के अलावा इसे अन्य दिनों बंद रखा जाता है। स्नानगृह के दरवाजे पर नगर पालिका का नाम अंकित है लेकिन फोन नबंर दर्ज नहीं है। इस कारण लोग परेशान रहते हैं। शनिवार को थाना द्वाराहाट जिला अल्मोड़ा जिले के ग्राम दुधौली दूनागिरी निवासी आनंद सिंह बिष्ट देव कार्य के लिए बागेश्वर आए थे। उनके साथ परिवार की नौ महिलाएं भी थी।
उन्होंने नगर पालिका के स्नानगृह खुलवाने के लिए काफी प्रयास किए लेकिन सफल नहीं रहे। उन्होंने बताया कि स्नानगृह में नगर पालिका का नाम तो लिखा है लेकिन फोन नंबर अंकित नहीं है। आपपास के कई लोगों से इस संबंध में मदद मांगी लेकिन किसी ने भी उनकी सहायता नहीं की। मजबूरन परिवार की महिलाओं को खुले में स्नान करना पड़ा। इस स्थान पर काफी भीड़भाड़ रहती है। इस कारण महिलाओं को खुले में स्नान करने में दिक्कतें होती हैं। उन्होंने कहा कि स्नानगृह को सीजनल खोलने के बजाए जरूरत के मुताबिक खोला जाना चाहिए ताकि सरयू संगम में स्नान करने आने वाले लोगों को परेशानियों से न जूझना पड़े।
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मनचले और नशेड़ियों का बना है अड्डा
बागेश्वर। सरयू-गोमती संगम पर मनचले और नशेड़ियों का आतंक रहता है। यह तत्व स्नान करने आने वाली महिलाओं पर भी फब्तियां कसते हैं। कई बार अकेली महिला को स्नान करते देख उसके साथ छेड़छाड़ का प्रयास करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार मनचले स्नान करने वाली महिलाओं का वीडियो बनाने का प्रयास करते हैं। इस कारण महिलाओं का इस स्थान पर खुले में स्नान करना सुरक्षित नहीं रह गया है। इस स्थान पर सुरक्षा की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इससे मनचले और नशेड़ी कभी भी हरकत कर सकते हैं।
कोट
संगम पर बना स्नानगृह नगर पालिका का है। उत्तरायणी मेले में इसका शत प्रतिशत उपयोग होता है। इसे सीजनल खोला जाता है। कई लोग यहां पर शौच कर देते हैं। इसलिए स्नानगृह को बंद रखा गया है। लोगों की मांग पर जरूरत के मुताबिक स्नानगृह खोला जा सकता है।
राजदेव जायसी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका बागेश्वर।
फोटो- (02बीजीएस01पी)
बागेश्वर में सरयू-गोमती संगम पर बंद पड़ा पालिका का स्नानगृह।
(02बीजीएस02पी)
द्वाराहाट दूनागिरी दुधौली निवासी आनंद सिंह बिष्ट।
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देव कार्य और पितृ कार्य के लिए कई लोग बाबा बागनाथ की नगरी में पहुंचे हैं। सरयू और गोमती नदी के संगम तट पर हर रोज स्नान करने वालों की भीड़ रहती है। इस स्थान पर नगर पालिका का स्नानगृह बना है, लेकिन उसमें ताले लटके हैं। नगर पालिका के मुताबिक स्नानगृह को सीजनल खोला जाता है। उत्तरायणी मेले के अलावा इसे अन्य दिनों बंद रखा जाता है। स्नानगृह के दरवाजे पर नगर पालिका का नाम अंकित है लेकिन फोन नबंर दर्ज नहीं है। इस कारण लोग परेशान रहते हैं। शनिवार को थाना द्वाराहाट जिला अल्मोड़ा जिले के ग्राम दुधौली दूनागिरी निवासी आनंद सिंह बिष्ट देव कार्य के लिए बागेश्वर आए थे। उनके साथ परिवार की नौ महिलाएं भी थी।
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उन्होंने नगर पालिका के स्नानगृह खुलवाने के लिए काफी प्रयास किए लेकिन सफल नहीं रहे। उन्होंने बताया कि स्नानगृह में नगर पालिका का नाम तो लिखा है लेकिन फोन नंबर अंकित नहीं है। आपपास के कई लोगों से इस संबंध में मदद मांगी लेकिन किसी ने भी उनकी सहायता नहीं की। मजबूरन परिवार की महिलाओं को खुले में स्नान करना पड़ा। इस स्थान पर काफी भीड़भाड़ रहती है। इस कारण महिलाओं को खुले में स्नान करने में दिक्कतें होती हैं। उन्होंने कहा कि स्नानगृह को सीजनल खोलने के बजाए जरूरत के मुताबिक खोला जाना चाहिए ताकि सरयू संगम में स्नान करने आने वाले लोगों को परेशानियों से न जूझना पड़े।
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मनचले और नशेड़ियों का बना है अड्डा
बागेश्वर। सरयू-गोमती संगम पर मनचले और नशेड़ियों का आतंक रहता है। यह तत्व स्नान करने आने वाली महिलाओं पर भी फब्तियां कसते हैं। कई बार अकेली महिला को स्नान करते देख उसके साथ छेड़छाड़ का प्रयास करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार मनचले स्नान करने वाली महिलाओं का वीडियो बनाने का प्रयास करते हैं। इस कारण महिलाओं का इस स्थान पर खुले में स्नान करना सुरक्षित नहीं रह गया है। इस स्थान पर सुरक्षा की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इससे मनचले और नशेड़ी कभी भी हरकत कर सकते हैं।
कोट
संगम पर बना स्नानगृह नगर पालिका का है। उत्तरायणी मेले में इसका शत प्रतिशत उपयोग होता है। इसे सीजनल खोला जाता है। कई लोग यहां पर शौच कर देते हैं। इसलिए स्नानगृह को बंद रखा गया है। लोगों की मांग पर जरूरत के मुताबिक स्नानगृह खोला जा सकता है।
राजदेव जायसी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका बागेश्वर।
फोटो- (02बीजीएस01पी)
बागेश्वर में सरयू-गोमती संगम पर बंद पड़ा पालिका का स्नानगृह।
(02बीजीएस02पी)
द्वाराहाट दूनागिरी दुधौली निवासी आनंद सिंह बिष्ट।