कौसानी/बागेश्वर। कौसानी के बुरांश रिट्रीट में पांच दिवसीय फोटोग्राफी कार्यशाला जारी है। कार्यशाला में देशभर से आए 37 फोटोग्राफरों ने कौसानी, ग्वालदम और बैजनाथ की हसीन वादियों का दीदार कर मनमोहक फोटो खींची। उन्होंने खगोलीय फोटोग्राफी के माध्यम से अंतरिक्ष की खूबसूूरती को भी कैमरे में कैद किया। कार्यशाला का समापन 18 मार्च को होगा।
सोमवार को कार्यशाला की शुरूआत उत्तराखंड दर्शन स्लाइड शो से हुई। छायाकारों ने चित्रों के माध्यम से उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों की खूबसूरती को चित्रों के माध्यम से देखा। आयोजक थ्रीश कपूर ने छायाकारों को हिमालय पर्वत, नदी, घाटी के चित्रों से संबंधित जानकारी भी दी। स्लाइड शो के बाद लखनऊ से आए छायाकार अनिल रिशाल सिंह ने लैंडस्केप फोटोग्राफी में प्रकाश, फोकस और कंपोजिशन की बारीकी को विस्तार से बताया। इंदौर से आए छायाकार गुरुदास दुुआ और जयपुर के अनिल गोगिना ने पोट्रेट फोटोग्राफी और एस्ट्रो फोटोग्राफी के बारे में बताया। दोपहर बाद छायाकारों का दल कौसानी की हसीन वादियों का दीदार करने के बाद ग्वालदम और बैजनाथ के लिए रवाना हुआ। इस दौरान छायाकारों ने अपने कौशल का प्रदर्शन करते हुए साथियों को टिप्स भी दिए। उमेश गोगिना ने ग्लेक्सी फोटोग्राफी की बारीकियां प्रयोग करके दिखाई। फोटोग्राफी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां भी बताईं। नैनीताल से आए छायाकार अनूप साह ने नेचर फोटोग्राफी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। फोटोग्राफी कार्यशाला में आए छायाकारों से यहां की खूबसूरती को देश के कोने-काने में फैलाने में मदद मिलेेगी।